नयी दिल्ली,

आयकर विभाग ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान 15 लाख रुपये या इससे अधिक की राशि जमा कराने वाले ऐसे करीब दो लाख लोगों को नोटिस जारी किया जिन्होंने आयकर रिटर्न नहीं भरा है।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष एस चंद्रा का कहना है कि नोटबंदी के दौरान कुछ लोगों ने 15 लाख रुपये या इससे अधिक की राशि जमा करायी लेकिन उन्होंने आयकर रिटर्न नहीं भरा है।ऐसे 1.98 लाख लोगों की पहचान की गयी है और इन लोगों को दिसंबर 2017 और जनवरी 201 में नोटिस जारी किये गये थे लेकिन अब तक कोई जबाव नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि जो लोग नोटिस का जबाव नहीं देंगे उनके विरूद्ध आयकर कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।उन्होंने कहा कि कर चोरी, रिटर्न भरने में देरी आदि मामलों को लेकर पिछले तीन महीने में तीन हजार से अधिक मामले दर्ज किये गये हैं।

सीबीडीटी अध्यक्ष ने कहा कि डिजिटाइजेशन को बढ़ावा दिये जाने के मद्देनजर आयकर विभाग ई स्टेटमेंट पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है और इस वर्ष परीक्षण के लिए ई स्टेटमेंट शुरू किया गया है।तीन महीने में करीब 60 हजार ई स्टेटमेंट जारी किये गये हैं और आने वाले महीने में इसमें बढोतरी होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा करते हुये 500 रुपये और एक हजार रुपये के पुराने नोटों का प्रचलन बंद कर दिया था।इसके बाद लोगों को बंद किये गये इन नोटों को बैंकों में जमा कराने के लिए कहा गया था ।

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