parrikarनई दिल्ली,  नौसेना जल्द ही महिलाओं की बड़ी भूमिका के लिए अपने दरवाजे खोलेगी लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अभी उन्हें लड़ाकू भूमिका नहीं सौंपी जाएगी. यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब सरकार ने पिछले सप्ताह वायु सेना में लड़ाकू पायलट के तौर पर महिलाओं को शामिल करने के फैसले की घोषणा की थी.

नौसेना दिल्ली उच्च न्यायालय के एक हालिया आदेश को भी चुनौती देगी जिसने बल में महिलाओं को स्थायी कमिशन के मुद्दे पर उसे फटकार लगायी थी. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा विमानवाहक पोत की तरह जहाज पर रात भर तैनात रहने वाले विमान को छोड़कर महिलाओं के लिए बाकी उड़ान वाले क्षेत्र खुले रहेंगे. अगले कुछ दिन में इस संबंध में घोषणा किये जाने की उम्मीद है.

नौसेना ने समुद्री टोही विमानों के अपने बेड़े में पायलट के तौर पर महिलाओं को शामिल करने के लिए रक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है. महिला नौसैन्य अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए चार सितंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने बल में उनके लिए स्थायी कमीशन की मांग को लेकर दायर कुछ याचिकाएं विचारार्थ स्वीकार करते हुए कहा था कि महिलाओं की प्रगति की राह में लैंगिक पक्षपात और सेवा संबंधी पक्षपात को आड़े नहीं आने दिया जाएगा.

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