केंद्र सरकार की गरीबी मुक्त योजना के तहत मध्यप्रदेश को 4622 पंचायत गांवों को गरीबी से मुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है. इनमें जो भी कार्यक्रम चलाये जायेंगे उनके लिये केंद्र सरकार ने गाइड लाइन (दिशा निर्देशिका) तय की है. उसी के तहत काम करना होगा.

जिन पंचायतों को चिन्हित किया गया है उसमें ज्यादातर परिवारों में फ्रिज, मोबाइल, टी.वी. और वाहन तो हैं पर उनका पक्का घर नहीं है. अब सरकार का फोकस इस बात पर है इनके मकान भी पक्के होने चाहिए.

अभी जिनके पास पक्के मकानों के साथ मोबाइल, वाहन, फ्रिज, टी.वी. आदि की सुविधायें हैं, उन परिवारों को बी.पी.एल. (गरीबी रेखा से नीचे) नहीं माना जायेगा.

राज्य सरकार ने लक्ष्य से ज्यादा कुल 4857 पंचायतों को गरीबी मुक्त कार्यक्रम के तहत चुना है और अक्टूबर 2019 तक इस लक्ष्य को पाना होगा.

इसके तहत बड़ी तेजी से काम शुरू किया गया है. प्रत्येक परिवार में 10 हजार रुपये मासिक आमदनी, बैंक खाता, आधार कार्ड और परिवार की महिला सदस्य को स्वरोजगार से जोडऩे का कार्य संपन्न
माना जायेगा.

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