पुणे ,

राजपूत समुदाय के प्रमुख नेता रिची बन्ना ने संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती में कई आपत्तिजनक दृश्य होने और इससे देश भर में करोड़ों राजपूतों की भावनाएं आहत होने का दावा करते हुए केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड से इसकी रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

श्री बन्ना ने आज यूनीवार्ता से फोन पर बातचीत में दावा किया कि भंसाली ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के दौरान राजपूत करणी सेना के कथित हमले के बाद भी उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया।
राजपूत रानी पद्मावती पर फिल्माये गये विवादास्पद दृश्यों को हटाने की मांग कर रहे थे।

श्री बन्ना ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक पत्र लिख कर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।अन्यथा भंसाली को ना केवल राजपूत समुदाय का बल्कि देश के हरेक हिंदू परिवार के गुस्से का सामना करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि राजपूतों को इस विचार पर गुस्सा आया कि फिल्म में एक गीत और नृत्य में शासक अलाउद्दीन खिलजी का मानवीय स्वरुप दिखाया गया।उन्होंने भंसाली पर खिलजी को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि खिलजी ने पद्मावती को पाने के लिए उसके शासन का नाश कर दिया था।उन्होंने कहा कि जो इतिहास में घटित नहीं हुआ उसे केवल अपने फायदे के लिए नहीं दिखाना चाहिए।

श्री बन्ना ने एक दिसंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि इसका न केवल राजस्थान, बल्कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार आदि राज्यों में भी पुरजोर विरोध किया गया है।सभी स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सेंसर बोर्ड से फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

किवदंती के हिसाब से 14वीं सदी में राजस्थान में तत्कालीन चित्तौड़ के शासक रावल सिंह रतन की पत्नी का नाम पद्मावती था।खिलजी पद्मावती की खूबसूरती का कायल हो गया और वह पद्मावती के साथ जबरन विवाह के उद्देश्य से चित्तौड़ पर कब्जा करना चाहता था।जब राजपूत सेना हमलावरों को रोकने में विफल रही तो बहादुर पद्मावती ने “जौहर” (आत्मदाह) कर लिया।

उन्होंने कहा कि भंसाली ने फिल्म में गलत चित्रण करते हुए दर्शाया है कि पद्मावती खिलजी से प्यार करती थी जिसे राजपूत समुदाय कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।श्री बन्ना ने कहा कि प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी राय दी है कि रानी पद्मावती से संबंधित इतिहास में छेड़छाड़ की गयी है।

उन्होंने कहा,“भंसाली ने केवल अपने फायदे के लिए तमाम ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ दिया है इसलिए हम पद्मावती पर प्रतिबंध को छोड़ किसी की भी बात सुनने के पक्ष में नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने जब कहा कि फिल्म की रिलीज को कोई रोक नहीं सकता, तब राजस्थान के कोटा में एक थियेटर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।उन्होंने कहा कि दीपिका को ऐसा कहने का अधिकार किसने दिया?

उन्होंने कहा कि राजपूत वर्ग को समाज के सभी वर्गाें का समर्थन मिल रहा है।यहां तक कि सबसे अधिक आबादी वाले भारतीय जनता पार्टी शासित उत्तर प्रदेश ने भी केंद्र सरकार को चेताया है कि यदि फिल्म रिलीज होती है ताे वहां कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

प्रसिद्ध गायक श्री बन्ना ने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि फिल्म का विरोध करने पर उनके कई नेताओं को फोन पर पाकिस्तान से धमकी भरे कॉल मिले हैं।उन्होंने कहा,“फिल्म की स्क्रीनिंग को कुछ दिनों तक टालने में भी भंसाली की बड़ी साजिश छिपी हुई है।लेकिन हम उस कुछ दिन कर भी इंतजार करेंगें और देखेंगें।”

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