राजपूत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम शिवराज से की भेंट

भोपाल, संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. मध्य प्रदेश और पंजाब सरकार ने पद्मावती फिल्म राज्य में बैन कर दी है.

यूपी सरकार पहले ही साफ कर चुकी है जब तक फिल्म से आपत्तिजनक सीन नहीं हटाए जाएंगे, पद्मावती को यूपी में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा.

मध्य प्रदेश में राजपूत समाज इसके प्रदर्शन का विरोध कर रहा है. राजपूत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया.

इस पर चौहान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि भले ही सेंसर बोर्ड उसे रिलीज कर दे लेकिन राज्य में वह प्रदर्शित नहीं होगी. शिवराज के ऐलान के कुछ देर बाद अमरिंदर सरकार ने भी पंजाब में फिल्म बैन करने का ऐलान किया.

सोमवार सुबह बड़ी संख्या में राजपूत समाज से जुड़े प्रतिनिधि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह के साथ मुख्यमंत्री आवास पर शिवराज से मिले और उनके सामने अपनी बात रखी. प्रतिनिधि मंडल का कहना था कि फिल्म रिलीज हुई तो रानी पद्मावती की छवि धूमिल हो जाएगी.

इस प्रतिनिधिमंडल में कई बीजेपी विधायक भी शामिल थे. उसके बाद चौहान ने कहा कि राज्य में फिल्म पद्मावती किसी भी हालत में प्रदर्शित नहीं होगी. शिवराज ने मध्य प्रदेश में रानी पद्मावती का स्मारक बनाने की घोषणा भी की. मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले का समर्थन करते हुए पंजाब सरकार ने भी राज्य में फिल्म की रिलीज प्रतिबंधित कर दी.

फिल्म राजमाता पद्मावती के सम्मान के खिलाफ बनी है, जबकि अपने मान-सम्मान के लिए रानी पद्मावती ने जान दे दी थी. रानी पद्मावती और उनके जीवन और मृत्यु के बारे में उन्होंने बचपन से पढ़ा है. इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं है. फिल्म से आपत्तिजनक दृश्य हटाने तक उसे प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
-शिवराज सिंह चौहान, सीएम, मप्र

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