24pic2नई दिल्ली,  देश की पहली परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बी तैयार हो गई है. इसने पिछले पांच महीनों में बहुत सी डीप सी डाइविंग ड्रिल्स और हथियारों के लॉन्च से जुड़े टेस्ट पास किए हैं. इसे अब नौसेना में आधिकारिक तौर पर शामिल करने का फैसला सरकार को करना है.

आईएनएस अरिहंत न्यूक्लियर मिसाइल पनडुब्बी प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ अधिकारियों ने बताया कि देश में निर्मित यह पनडुब्बी अब पूरी तरह ऑपरेशनल है और पिछले पांच महीनों में हथियारों से जुड़े बहुत से परीक्षणों में इसकी क्षमताएं साबित हुई हैं. अरिहंत नौसेना में शामिल की जाने वाली पांच न्यूक्लियर मिसाइल सबमरीन में से पहली है. इसे विशाखापट्टनम में बनाया गया है और वहीं इसका डीप सी डाइविंग टेस्ट परीक्षण भी किया गया है.

अधिकारियों ने ईटी को बताया कि पिछले वर्ष एक अक्टूबर का आया रूस का डाइविंग सपोर्ट शिप-आरएफएस एप्रन डीप सी डाइव और लॉन्च से जुड़े टेस्ट में अरिहंत के साथ था. एप्रन एक प्रूट क्लास का सबमरीन रेस्क्यू जहाज है. इसे रूस ने हाल ही में विशाखापट्टनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भी पेश किया था. भारत के पास अभी इस क्लास का कोई सबमरीन रेस्क्यू जहाज नहीं है. आईएफआर में अरिहंत ने सुरक्षा कारणों से हिस्सा नहीं लिया था.

आईएफआर में शामिल हुए 24 विदेशी युद्धपोत ऐसे सेंसर और इक्विपमेंट से लैस थे, जो महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस को पकड़ सकते थे और इसी वजह से अरिहंत को इस आयोजन में पेश नहीं किया गया था.

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