महापौर ने दिये पूरे स्टाफ को हटाने के निर्देश,
रेरा पंजीयन से पहले 156 बिल्डर को जारी हुए कार्य पूर्ण के प्रमाण पत्र

नवभारत न्यूज भोपाल,

नगर निगम परिषद की हंगामेदार बैठक में कांग्रेस के पार्षद गिरीश शर्मा ने प्रमाण पत्र सहित करीब 3 सौ करोड़ रुपये का घोटाला उजागर किया, जिसमें भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारियों ने 156 बिल्डरों को अरबों रुपये का लाभ पहुंचाया. हंगामे के बीच महापौर आलोक शर्मा ने बिल्डिंग परमीशन शाखा में पदस्थ पूरे स्टाफ को हटाने के निर्देश दिये.

मंगलवार को आयोजित निगम परिषद की बैठक में सुबह से ही हंगामा होता रहा. पार्षदों ने विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाया. मामला इतना बढ़ा कि कांग्रेस के अमित शर्मा, रईसा मलिक, गुड्डू चौहान, मोनू सक्सेना आदि ने आसंदी का घेराव कर दिया, जिसके बाद कार्यवाही दस मिनट के लिये स्थगित कर दी गई.

परिषद की कार्रवाई जब दूसरी बार शुरू हुई तो कांग्रेस ने लोकहित का मामला उठाने की इजाजत मांगी, जिस पर अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह चौहान ने प्रश्नकाल के बाद चर्चा कराने की व्यवस्था दी. प्रश्नकाल के बाद भोजनावकाश के लिये बैठक स्थगित कर दी गई.

बाद में अध्यक्ष ने लोकहित पर चर्चा की अनुमति दी. इसमें कांग्रेस के गिरीश शर्मा ने घोटाला उजागर करते हुये कहा कि भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारियों ने न केवल 300 करोड़ का घोटाला किया, बल्कि शासन व नगर निगम को हानि पहुंचाई.

नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद सगीर ने जांच की मांग की. बाद में महापौर ने आयुक्त को निर्देश दिये कि पूरे मामले की जांच कराई जाये. दोषी लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिये गये.

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