UNI PHOTO-109U

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उज्जैन,  हनुमान जयंती पर ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुए सिंहस्थ कुंभ के दौरान लाखों लोगों ने पवित्र क्षिप्रा नदी में आस्था की डुबकी लगाई.

जूना अखाड़े द्वारा सुबह 5.11 बजे दत्त अखाडेा घाट में क्षिप्रा में शाही स्नान आरम्भ किया गया. जूना अखाडे के पीठाधीश स्वामी अवधेशानंद महाराज ने परंपरा के अनुरूप मंत्रोच्चारण के साथ डुबकी लगायी. इस दौरान सिंहस्थ के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह के अलावा वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के साधु-संतों ने सबसे पहले दत्त अखाड़ा घाट पर स्नान किया. शाही स्नान में श्री पंचायती आवाहन अखाड़े और श्री पंचायती अग्नि अखाड़े, श्री तपोनिधि निरंजनी अखाड़े, श्री पंचायती आनंद अखाड़े, श्रीपंचायती महानिर्वाणी अखाड़े, श्री पंच अटल अखाड़े, रामघाट पर श्री निर्मोही अणि अखाड़े, श्री दिगम्बर निर्वाणी अखाड़े, श्री निर्वाणी अणि अखाड़े, दत्त अखाड़ा घाट पर श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े, श्री पंचायती नवीन उदासीन अखाड़े, और श्री निर्मल अखाड़े, के साधु-संत शाही स्नान में शामिल हुए.

अखाड़ों के नागा साधुओं के स्नान का क्षिप्रा तट पर एक विशेष आकर्षण था. स्नान में सभी अखाड़ों के प्रमुख संत, महंत, श्रीमहंत, महामंडलेश्वर, पीठाधीश सम्मिलित हुए. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्रगिरि महाराज, महामंत्री हरिगिरि महाराज, जोधपुर राजपरिवार, निरंजनी अखाड़े, के स्वामी सत्यमित्रानन्दजी, महानिर्वाणी अखाड़े, के नित्यानन्दजी के अलावा पायलेट बाबा, स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती, गोल्डन बाबा आदि शाही स्नान में सम्मिलित हुए.

स्नान के लिए लगभग सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर आए. हरिद्वार आधारित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज कार में सवार होकर क्षिप्रा स्नान के लिए आए. नित्यानंद स्वामी के साथ बहुत से विदेशी अनुयायी भी मौजूद थे.