हमीदिया में 48 घंटे से बेहोश है किशोरी

नवभारत न्यूज बैतूल,

पाथाखेड़ा से चोपना पहुंंच मार्ग के नादिया घाट के पास अज्ञात वाहन का शिकार हुए पांच नाबालिग बच्चों में से एक की हालत नाजुक बनी हुई है. नाबालिग बालिका को 48 घंटे बाद भी होश नहीं आया है.

जिला अस्पताल से इस बालिका को हमीदिया अस्पताल भोपाल रिफर किया गया था लेकिन यहां बालिका के परिजनों से राशि की मांग की जा रही है. जब तक परिजन द्वारा रुपयों की व्यवस्था नहीं की जा सकती तब तक बालिका का उपचार नहीं किया जाएगा.

जिससे परेशान परिजन अब इस अमंजस में है कि कैसे राशि जुटाएं. आदिवासी नाबालिक युवती 48 घंटे से बेहोश अवस्था में है लेकिन डॉक्टरों ने अब तक उसकी सुध नहीं ली.

 

माता-पिता मदद के लिए जुटा रहे राशि

हमीदिया अस्पताल में भर्ती 15 वर्षीय बालिका कांति सरियाम दो दिनों से बेहोश हालत में है. अब तक बालिका का उपचार शुरु नहीं हुआ है. कांति के भाई शंकर सरियाम ने बताया कि आईसीयू में भर्ती करने के लिए अस्पताल में पहले पांच हजार रुपए मांगे जा रहे है.

आदिवासी परिवार के पास पांच हजार रुपए नहीं है ऐसे में हमीदिया अस्पताल में कांति बेहोश हालत में पड़ी है. बालिका के माता पिता मदद के लिए राशि जुटा रहे है वहीं अस्पताल में फिलहाल भाई शंकर उसकी देखरेख कर रहा है.

प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की बात जोर-शोर से की जा रही है लेकिन उसी प्रदेश की राजधानी में एक गरीब आदिवासी पैसों के अभाव में इलाज के लिए तरस रही है.ऐसे में सरकार के गरीबों को सस्ता या नि:शुल्क उपचार देने का दावा कागजी साबित हो रहा है.

Related Posts: