Vikas_swarupनयी दिल्ली,   भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाते हुये आज एक तरह से स्पष्ट कर दिया कि पठानकोट हमले को लेकर उपलब्ध कराये गये सुरागों पर त्वरित और निर्णायक कार्रवाई के बाद ही द्विपक्षीय बातचीत की गाड़ी आगे बढ़ सकती है।
दोनों देशों के विदेश सचिवों की प्रस्तावित बातचीत के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा “ गेंद अब पाकिस्तान के पाले में है। हमें पाकिस्तान के त्वरित और निर्णायक कार्रवाई का इंतजार है।”

प्रवक्ता ने कहा,“ भारत पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है लेकिन हमें सीमा पार से आतंकवाद कतई बर्दाश्त नहीं है। ”उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को पठानकोट हमले के सिलसिले में ठोस एवं कार्रवाई योग्य सुराग उपलब्ध कराये गये हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हमें अब पाकिस्तान की कार्रवाई का इंतजार है।

दोनों देशों के विदेश सचिव स्तर की बातचीत होने या नहीं होने के बारे में पूछने पर उन्हाेंने कहा कि पंद्रह जनवरी में अभी आठ दिन का वक्त है। भारत प्रतीक्षा करेगा कि इन आठ दिन के दौरान क्या कार्रवाई की जाती है। पाकिस्तान द्वारा त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई के संबंध में भारत की अपेक्षा के बारे में पूछे जाने पर श्री स्वरूप ने कहा कि भारत इस बारे में कुछ भी तय नहीं करेगा। वह इसे पाकिस्तान पर छोड़ते हैं कि वह क्या कार्रवाई करे।

भारत द्वारा पाकिस्तान को इस हमले के संबंध में उपलब्ध कराये गये सुरागों के बारे में पूछे जाने पर श्री स्वरूप ने कहा कि इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान सरकार को इससे अवगत करा दिया गया है और उसने इसे स्वीकार भी कर लिया है।

यह पूछे जाने पर कि 15 जनवरी को विदेश सचिवों से पहले दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की पुन: कोई बैठक होने की संभावना है, प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व के भारत के साथ शांति की पहल पर आगे बढ़ने पर सैन्य एवं खुफिया तत्वों द्वारा अड़ंगा लगाये जाने के मद्देनज़र पाकिस्तानी सेना को भी बातचीत की मेज़ पर लाने की जरूरत की चर्चा किये जाने पर श्री स्वरूप ने माना कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक पूर्व सैन्य अधिकारी है और इसलिये बातचीत की प्रक्रिया में उन्हें सेना का प्रतिनिधि माना जा सकता है।