आतंक के मुद्दे पर पाकिस्तान इस समय भारी अन्तरराष्ट्रीय दबाव में है और अलग पड़ गया है. केवल चीन ही पाकिस्तान के समर्थन में इस जरूरत व मजबूरी से है कि उसका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाकिस्तान के बलूच प्रान्त में ग्वादर बन्दरगाह तक जाता है.

मुम्बई में 9/11 के हमलों में भारतीयों के अलावा अमेरिकी, इजरायली व अन्य देशों के कई नागरिक मारे गये थे. कसाब को जिन्दा पकड़ लिया गया और बाकी आतंकी मारे गये थे इसके कारण अमेरिका में भी हाफिज सईद को आतंकी घोषित कर उस पर इनाम रख दिया है.

कसाब के पकड़े जाने से पाकिस्तान के खिलाफ जिन्दा सबूत पेश हो गया और उसके पास अब कोई बचाव नहीं है. इसी संदर्भ में उसने आतंकियों को सक्रिय कर ईरान सीमा के अन्दर से भारतीय व्यापारी श्री कुलभूषण जाधव को अगवा कर पाकिस्तान की सीमा में ले गये और उन पर भारत का जाससू होने का आरोप लगा फौजी अदालत ने फांसी की सजा दे दी.

पाकिस्तान दुनिया को यह बताना चाहता है कि भारत भी उसके यहां जासूसी व आतंकी कार्यवाहियां करा रहा है. वह भारत पर श्री जाधव के जरिये यह दबाव बनाना चाहता है कि भारत ही उसके बलूच प्रान्त में विद्रोह व आतंक पनपा रहा है. जबकि भारत मुम्बई हमले के बाद से कसाब के जरिये पाकिस्तान का भारत में आतंक सारी दुनिया के सामने सिद्ध कर चुका है.

भारत मुम्बई हमले के बाद से यह भी सिद्ध कर चुका है कि मुम्बई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद ही है और पाकिस्तान को उस पर कार्यवाही करनी चाहिये. इस व्यक्ति को लेकर पाकिस्तान सरकार बड़ी उलझन में आ गयी है. वहां की फौज ने हाल ही में हाफिज सईद को समर्थन देते हुए कहा कि उसे काश्मीर का मसला उठाने का हक है.

अभी पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान फौज और उसकी खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. की इस बात के लिए भत्र्सना व चेतावनी दी है कि उसने आतंकियों गुटों द्वारा इस्लामाबाद पर घेरा डालने उसे खत्म करने के लिये सरकार का आदेश नहीं माना और घेरा डालने पर वाले लोगों में रुपया वितरण किया.

चीन इन दिनों उत्तरी कोरिया के जरिये अमेरिका पर और पाकिस्तानी आतंकियों के जरिये भारत पर दबाव बनाये रखना चाहता है. चीन भी इसी समय सीमा पर सड़क निर्माण की आड़ में आगे बढऩे की हरकतों से भारत पर दबाव बनाना चाहता है.

चीन का पाकिस्तान में एकमात्र आर्थिक हित यही है कि वह पाकिस्तान की जमीन पर आर्थिक गलियारा उसके ग्वादर बन्दरगाह तक समुद्री मुहाना पा गया है, लेकिन पाकिस्तान इस बात से चिंतित है कि कहीं चीन उस पर पूरी तरह हावी न हो जाए.

अमेरिकी राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान को सैन्य आर्थिक सहायता बंद करते हुए यह इशारा भी किया है कि पाकिस्तान मदद पाने के लिये चीन-चीन की रट लगायेगा.

पाकिस्तान ने इस समय श्री कुलभूषण जाधव के नाम से एक वीडियो जारी किया है कि वे भारतीय नेवी के अफसर हैं और पाकिस्तान का उनके साथ व्यवहार सामान्य है. श्री जाधव इस समय उनके कब्जे में हैं और वह उनसे कुछ भी कहला सकता है. जाधव के मामले में पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय न्यायालय में उलझ गया है.