पाकिस्तान और चीन की बढ़ती हुई प्रगाढ़ मित्रता व राजनैतिक आर्थिक सहयोग का मूल कारण यही है कि दोनों के भारत के साथ सीमा विवाद है. अगले माह मई में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी चीन, मंगोलिया और दक्षिण कोरिया के राजकीय दौरों पर जा रहे हैं. इससे पूर्व मोदी सरकार के पद ग्रहण करने के कुछ दिनों बाद ही चीन के राष्टï्रपति श्री शी चिनफिंग भारत के दौरे पर आ चुके है और उन्होंने अपना दौरा गुजरात से ही प्रारंभ किया था. इन दिनों चीन के राष्टï्रपति श्री चिनफिंग पाकिस्तान की यात्रा पर आये हुए हैं. चीन ने पाकिस्तान से 51 आर्थिक व रक्षा क्षेत्र में समझौते किये है. इनमें सबसे प्रमुख पाकिस्तान-चीन आर्थिक गलियारा है जो 29 खरब रुपयों की योजना है. चीनी राष्टï्रपति ने कहा कि इसमें दोनों देशों की राष्टï्रीय राजनीति और जीवनयापन पर गहरा असर पड़ेगा.

चीन की सबसे बड़ी जरूरत भी इसी गलियारे से पूरी होगी. वह अरब सागर स्थित पाकिस्तान के ग्वादार बंदरगाह को पूरी तौर पर चीनी व्यापार के लिये चाहता है. अभी आफ्रीका, अरब राष्टï्र, यूरोपीय राष्टï्रों का समुद्री व्यापार चीन को बड़ी दूरी का घुमावदार होने के लिये भारी वस्तुओं के व्यापार मेें काफी देरी का और भारी लागत का पड़ता है. पाकिस्तान का मुख्य बंदरगाह तो करांची है जो उनका नौसेना की कमांड भी है. ग्वादार अभी बहुत छोटा बन्दरगाह है. चीन इसे बहुत बड़े बन्दरगाह के रूप में स्टेट आफ आर्ट के अनुसार सभी आधुनिक सुविधाओं का बना रहा है. यह आर्थिक गलियारा चीन को पाकिस्तान के ग्वादार से प्रारंभ होकर चीन में बिजिंग तक सड़क मार्ग का व्यापारिक मार्ग दे रहा है. इससे व्यापार और निवेश के लिए दक्षिण, मध्य और पश्चिम एशिया के साथ-साथ मध्य पूर्व और अफ्रीका की दूरी कम करने और इसे किफायती बनाने में चीन को काफी मदद मिलेगी. पाकिस्तान को भी एक छोटा सा बंदरगाह ग्वादार विश्व स्तर का विशाल बन्दरगाह चीन की आर्थिक मदद से मिल जायेगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मियां नवाज शरीफ ने कहा है कि यह गलियारा पाकिस्तान के सभी प्रान्तों और इलाकों को लाभ पहुंचायेगा और पाकिस्तान के आर्थिक विकास को काफी मजबूती से विकसित कर देगा. पाकिस्तान ने उसके कब्जे वाले काश्मीर से चीन को 1979 में काराकोरम राजमार्ग दे चुका है और दोनों देशों के बीच इससे सड़क संबंध जुड़ चुका है. अब वह पाकिस्तान के जरिये उसकी व्यापारिक पहुंच अरब सागर तक पहुंचाना चाहता है. श्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता सम्हालते ही समुद्र तटीय विकास व बन्दरगाहों की ”सागर मालाÓÓ की एक बहुत बड़ी योजना को क्रियान्वित करने जा रहे हैं.

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