अधिकारियों की मिलीभगत

नई दिल्ली,

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में एक और धोखाधड़ी का पता चला है. पीएनबी ने अपनी मुंबई की उसी शाखा से करीब 9.9 करोड़ रुपये की फर्जीवाड़े का पता लगाया है, जहां से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का मामला जुड़ा हुआ है.

बैंक ने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी है. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की वेबसाइट पर प्रकाशित कंप्लेंट के मुताबिक, नए फर्जीवाड़े में चांदरी पेपर ऐंड अलायड प्रॉडक्ट्स प्राइवेट लि. के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है.

गौरतलब है कि 14 फरवरी को पीएनबी की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस ब्रांच के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जारी फर्जी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग्स (एलओयूज) के जरिए 11,200 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड का मामला सामने आने से देशभर में हडक़ंप मच गया था. इसकी जानकारी पीएनबी की ओर से शेयर बाजार को दी गई रिपोर्ट से मिली थी. बाद में फर्जीवाड़े की रकम बढक़र 13,000 करोड़ रुपये हो गई.

31 आर्थिक अपराधी देश से भागे

भारी भरकम लोन लेकर विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी सहित 31 आर्थिक अपराधी देश छोडक़र भाग चुके हैं. इनकी तादाद बढऩे से रोकने के लिए सरकार जरूरी उपाय में जुट गई है. सरकार ने लोन डिफॉल्टर्स कंपनियों से जुड़े लोगों की एक सूची तैयार की है.

इसमें शामिल लोगों के देश छोडऩे पर रोक लगाई जा सकती है. ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले एकअधिकारी के हवाले से कहा है कि इसमें ऐसे 91 डायरेक्टर्स और मालिकों को रखा गया है, जो क्षमता होने के बावजूद जानबूझकर कर्ज नहीं चुका रहे हैं. करीब 400 कंपनियों की पहचान विलफुल डिफॉल्टर्स के रूप में की गई है.