नयी दिल्ली,  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अब अपने अंशधारकों को एक्सचेंज ट्रेड फंड (ईटीएफ) के शेयर अपने अंशधारकों को देने की योजना बनायी है।  केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त डॉ. वी पी जॉय ने आज यहां ईपीएफओ भवन में तिरंगा यात्रा और ‘संकल्प से सिद्धि’ आयोजन के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी।

ईपीएफओ में मौजूदा वित्त वर्ष में जमा कुल राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा शेयर बाजारों में निवेश करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस बारे में डॉ. जॉय ने कहा कि सरकार का विचार अंशधारकों को ईटीएफ यूनिट देने का है। इसके लिये अंशधारकों के खाते में ही एक खाता ईटीएफ यूनिट दी जायेंगी और अंशधारकों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से बेचने की भी छूट दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से राय मांगी है जिसके अगले कुछ दिनों में आ जाने की उम्मीद है।

अगर कैग की राय सकारात्मक आती है तो इस विषय को केन्द्रीय न्यास बोर्ड के समक्ष विचार के लिये रखा जायेगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जायेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार ने ईपीएफओ को 15 प्रतिशत यानी 22500 करोड़ रुपये की जमाराशि शेयर बाज़ार में लगाने की मंज़ूरी दी है। ईपीएफओ इस निवेश से मिलने वाले मुनाफे को भविष्य निधि कोष में ही जमा करा देता है। यानी निवेश पर लाभ या हानि दोनों ही ईपीएफओ का होता है। नये फैसले के लागू होने पर अंशधारकों को ईटीएफ यूनिट देने से उस पर लाभ-हानि दाेनों की जिम्मेदारी ही अंशधारकों की होगी। हालांकि डॉ. जॉय ने कहा कि ईटीएफ पर लाभांश को अंशधारकों को देना सरकार की प्राथमिकता है।

इससे पहले डॉ. जाय ने ईपीएफओ भवन से हरी झंडी दिखा कर तिरंगा यात्रा को रवाना किया। मोटरसाइकिल और जीपों में सवार युवाओं ने राष्ट्रध्वज लेकर द्वारका सेक्टर 23 में तिरंगा यात्रा निकाली। बाद में संकल्प से सिद्धि आयोजन में उन्होंने ईपीएफओ कर्मचारियों को 2022 तक नये भारत के निर्माण के लिये योगदान करने की शपथ दिलायी।

कर्मचारियों ने स्वच्छ भारत एवं भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। इस मौके पर डॉ. जाय ने कहा कि ईपीएफओ अगले वर्ष अगस्त तक अपना सारा कामकाज कागज़ मुक्त कर लेगा। मोबाइल एेप के माध्यम से अंशधारकों को हर सेवा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिये संगठन अपने कार्यालयों को अाधुनिक एवं तकनीकी सुविधाओं से लैस कर रहा है। इससे कर्मचारियों की उत्पादकता और सदस्यों की सेवा दोनों में सुधार आयेगा। समारोह में मुख्य सतर्कता अधिकारी अलका झा भी उपस्थित थीं। श्रीमती झा ने कहा कि भ्रष्टाचार देश की एक कुरीति है।

हम सबको यह संकल्प लेना चाहिये कि ‘मैं भ्रष्टाचार युक्त बनना चाहता हूं।’ उन्होंने कहा कि जब हम और आप भ्रष्टाचार मुक्त होंगे तभी देश एवं समाज भ्रष्टाचार से मुक्त होंगे। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अभय रंजन ने कहा कि संकल्प से सिद्धि को एक नारे में रूप में सुना जायेगा तो कठिन लग सकता है लेकिन अगर हम सब कोई लक्ष्य तय कर लें और पूरी दृढ़ता से उसे पाने के लिये जुट जायें तो निश्चित रूप से उसे पाना कोई कठिन काम नहीं है। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ कर्मी कम से कम स्वच्छ भारत एवं भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।

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