parliamentनयी दिल्ली,  लोकसभा में भोजनावकाश के बाद सरकार को आज उस समय अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा जब दस मिनट तक पीठासीन अधिकारी सदन में नहीं आये. उनकी अनुपस्थिति और कोरम के अभाव में सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी .

सदन की कार्यवाही सवा दो बज शुरू होनी थी, पर सवा दो बजे कोरम से कम सदस्य उपस्थित थे और वे पीठासीन अधिकारी का इंतजार कर रहे थे कि कार्यवाही शुरू हो . लेकिन दस मिनट तक पीठासीन अधिकारी नहीं आये. सदन में उपस्थित लोकसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने आसन से लोकसभा उपाध्यक्ष एम. थंबी दुरै की ओर से सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सवा एक बजे सदन की कार्यवाही को भोजन काल के लिए सवा दो बजे तक स्थगित किया था. सवा दो बजे सदन में दस फीसद सदस्य नहीं होने के कारण कार्यवाही शुरू नहीं हुई. करीब सात-आठ मिनट बाद विपक्षी सदस्यों ने इसको लेेकर टीका टिप्पणी शुरू कर दी.

दो बजकर 22 मिनट पर सदन में कुल 37 सदस्य ही उपस्थित थे जबकि कार्यवाही शुरू करने के लिए कम से कम 55 सदस्यों की मौजूदगी जरूरी होती है. कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल, रवनीत सिंह बिट्टू, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया.

उन्होंने पूछा कि क्या यही सरकार का सुशासन है उन्होंने शेम-शेम का नारा लगाया. और पूछा कि क्या सदन नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि कोरम पूरा करने की जिम्मेदारी सरकार की होती है लेकिन सरकार इस बारे में कतई गंभीर नहीं है.

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