ArunJaitleyनयी दिल्ली 27 जुलाई. पार्टिसिपेट्री नोट्स (पी-नोट्स) के जरिये होने वाले निवेश नियम को सख्त बनाने की विशेष जांच दल (एसआईटी) की सिफारिश से ऊपजे विवादास्प स्थिति पर सरकार ने इससे देश में निवेश माहौल खराब होने का हवाला देते हुए आज कहा कि वह इस मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज यहां संसद भवन स्थित कार्यालय में पत्रकारों से कहा सरकार एसआईटी की सिफारिशों का अध्ययन करने के बाद ही पी-नोट्स पर कोई फैसला करेगी.

उच्चतम न्यायालय द्वारा कालाधन की जांच के लिए गठित एसआईटी ने पिछले सप्ताह जारी रिपोर्ट में पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को पी-नोट्स के मूल निवेशकों की पहचान करने और इसके हस्तांतरण पर रोक लगाने की सिफारिश की है.