भोपाल,

महिला अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़े अन्य मसलों को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर अायी मध्यप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार इस बार दृढ़ इरादे के साथ राजधानी भोपाल और वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का मन बना चुकी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल यहां राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और गृह विभाग के अधिकारियों के समक्ष कहा कि सरकार पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारी इसके लिए आवश्यक तैयारियां करें। गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला और अन्य वरिष्ठ पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद थे।

श्री चौहान पुलिस आयुक्त प्रणाली संबंधी प्रजेंटेशन पहले ही देख चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाए।

इस बीच सूत्रों ने कहा कि शीघ्र ही पुलिस आयुक्त प्रणाली (पुलिस कमिश्नर सिस्टम) भोपाल और इंदौर में प्रारंभ हो सकती है। देश के साठ से अधिक प्रमुख शहरों में यह प्रणाली लागू है। मध्यप्रदेश समेत अधिकांश हिंदी भाषी राज्य इस मामले में पीछे नजर आते हैं।

यह प्रणाली लागू होने से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पास ही दंडाधिकारीय अधिकारी की शक्तियां आ जाएंगी, जिससे अपराधों पर नियंत्रण लगाने तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में पुलिस प्रशासन को मदद मिलेगी।

यह प्रणाली लागू करने के लिए पहले भी कई बार प्रयास हुए, लेकिन कथित तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों (अाईएएस लॉबी) के विरोध के कारण यह प्रणाली अभी तक इस राज्य में लागू नहीं हो पायी।

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