mp5सुल्तानपुर,   आदिवासियों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩे वाली प्रदेश सरकार के तमाम दवे उस वक्त खोखले साबित हो जाते हैं जब उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए भी दर-दर की ठोकरें खाना पड़ें.

नगर के समीपस्थ ग्राम ईंटखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोंड्री में निवासरत आदिवासियों को इन दिनों भीषण जल संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है. यहां निवासरत करीब पांच सौ आदिवासियों को पेयजल के लिए सुबह जल्दी जागकर कोसों दूर से पानी ढोना पड़ रहा है. लोग स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग के कागजों में जहां चार हैण्डपंप पानी उगल रहे हैं, वहीं वास्तविकता में एक भी हैण्डपंप चालू नहीं है. जल स्तर गिरने के कारण चारों हैण्डपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है.

विभाग की रिकार्ड में हैण्ड पम्पो की गहराई तीन चार सौ फीट हो सकती है. लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यहां के हैण्ड पम्प की गहराई 150 फीट से से ज्यादा नहीं है. बताया जाता है कि यहां पर कई दबंगों द्वारा शासकीय भूमि पर चार सौ फीट से भी अधिक गहरे बोर कराकर खेती की जा रही है. यही कारण है कि ग्राम में लगे हैण्डपंपों का जल स्तर अचानक नीचे पहुंच गया है.

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