rri_systemइटारसी, 22 जुलाई नससे. पैंतीस दिन पूर्व 17 जून की सुबह रेलवे जंक्शन के 12 बंगला में स्थापित आरआरआई (रूट रिले इंटरलाकिंग) सिस्टम में आग लग गई, लोगों ने इसे अन्य अग्नि दुर्घटनाओं के तहत सामान्य माना, लेकिन इसका महत्व तब समझ में आया जब पूरे देश में रेल व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई. रेलवे स्टेशन खाली हो गया, सैंकड़ों गाडिय़ां रद्द हो गईं तो दर्जनों के रूट डायवर्ट किए गए. रेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में रेल कर्मचारियों और अधिकारियों की रात-दिन की मेहनत के उपरांत 21 जुलाई की दोपहर 2:50 बजे सिस्टम की पहली ट्रायल ली गई, जो सफल रही सभी अधिकारियों ने भगवान को धन्यवाद कहा.

बुधवार की सुबह 11 बजे पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक रमेश चंद्रा, डीआरएम आलोक कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने आरआरआई भवन में मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना की और 11:20 बजे महाप्रबंधक ने आरआरआई सिस्टम की बटन दबाकर विधिवत शुभारंभ किया. इस दौरान डीआरएम आलोक कुमार, चीफ सिंग्नल एवं टेलीकाम इंजीनियर एसपी त्रिवेदी, शैलेष खंडेलवाल सहित इस आपरेशन से जुड़े अन्य रेल अधिकारी उपस्थित थे.

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