नयी दिल्ली,  विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से प्रकृति के साथ जुड़ने का आह्वान करते हुए पृथ्वी को एक बेहतर ग्रह बनाने की जरूरत पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने ट्वीटर संदेश में कहा ‘ पर्यावरण की सुरक्षा और धरती को एक बेहतर ग्रह बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस एक सही समय है।

हम उन सभी लोगों और संगठनों की इच्छाशक्ति एवं प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं, जो पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि इस साल विश्व पर्यावरण दिवस का विषय ‘लोगों को प्रकृति से जोड़ना’ है जो एक तरह से खुद अपने आप से जुड़ने का तरीका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रखना ही धरती पर प्रलयकारी स्थिति से बचने का एकमात्र उपाय है इसलिए इस दिशा में काफी संजीदगी से सोचने और प्रयास करने की आवश्यकता है।

पिछले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका को पेरिस जलवायु समझौते से अलग करने की घोषणा पर प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री ने साफ कहा था कि ‘पेरिस या नो पेरिस’ इससे भारत को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि प्रकृति का संरक्षण आज से नहीं बल्कि अनादिकाल से भारत की सभ्यता संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत वचनबद्ध है। मौजूदा पीढ़ी को भावी पीढि़यों से एक स्वच्छ एवं स्वस्थ पृथ्वी पर रहने का अधिकार छीनने को कोई हक नहीं है। विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है।

इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

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