नयी दिल्ली,

वित्त वर्ष 2017-18 में प्रत्यक्ष कर संग्रह बजट अनुमान 9.80 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करते हुये 9.95 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, राजस्व सचिव हसमुख अधिया और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रमुख सुशील चंद्रा ने आज यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी।

श्री चंद्रा ने कहा कि वर्ष 2017-18 में संग्रहित प्रत्यक्ष कर राजस्व वित्त वर्ष 2016-17 में संग्रहित राजस्व की तुलना में 17.1 प्रतिशत अधिक है और बजट अनुमान से 1.5 प्रतिशत अधिक है, जबकि संशोधित अनुमान 10.05 लाख करोड़ रुपये से एक प्रतिशत कम है।

श्री अधिया ने कहा कि ये आंकड़े 31 मार्च की आधी रात तक के हैं तथा बाद में इसमें बढ़ोतरी की पूरी उम्मीद है जिससे संशोधित अनुमान भी हासिल कर लिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 11.44 लाख करोड़ रुपये रहा है जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।वर्ष 2017-18 में 1.4 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया है।

श्री चंद्रा ने कहा कि शुद्ध कंपनी आय कर (सीआईटी) में 17.1 प्रतिशत और प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) सहित व्यक्तिगत आयकर में 18.9 प्रतिशत की बढोतरी हुयी है।वर्ष 2017-18 में 6.84 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किये गये जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 5.43 करोड़ रहा था।इस तरह से इसमें 26 फीसदी की वृद्धि हुयी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में 3.79 करोड़ रिटर्न दाखिल हुये थे जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 6.48 करोड़ पर पहुंच गया है।इसमें 80.5 प्रतिशत की बढोतरी हुयी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में नये आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 99.49 लाख रही जबकि वर्ष 2016-17 में इनकी संख्या 85.51 लाख रही थी।

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