खास बातें

  • फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कॉन्क्लेव में इंदौर घोषणा पत्र जारी
  • मध्यप्रदेश के विकास के एजेण्डा को सफल बनाने में सहयोग करें अप्रवासी भारतीय
  • एक्स्ट्रा ऑर्डनरी काम करने वाले एनआरआई मध्य प्रदेश रत्न से होंगे सम्मानित

नवभारत न्यूज इंदौर,

फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कॉन्क्लेव का समापन ‘इंदौर घोषणा पत्र’ के साथ करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के अप्रवासी भारतीयों की समस्याओं के समाधान के लिये एनआरआई सेल का गठन करेगी, जो सिंगल विन्डो के रूप में कार्य करेगी.

जो प्रदेश के भाई-बहन विदेश में उल्लेखनीय कार्य कर कर नाम कमा रहे हैं और प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे है. उन्हें प्रदेश सरकार प्रति वर्ष ‘मध्यप्रदेश रत्न’ का अवार्ड प्रदान करेंगी.

मुख्यमंत्री चौहान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आगे कहा कि उनकी 2015 में की गई अमेरिका यात्रा के बाद फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कान्क्लेव आयोजित करने का विचार आया था. इसी कड़ी में इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है. यह प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जायेगी.

अगले वर्ष 2019 की जनवरी माह 4 और 5 तारीख को कान्कलेव आयोजन पुन: किया जाएगा. चौहान ने कहा कि इस समिट में आये 23 देशों के 300 मित्रों द्वारा जो सुझाव और प्रस्ताव दिये गये है, उन्हें एकजाई करने का काम किया जा रहा है.

टेलेंट को जोड़ेंगे विभागों से

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फ्रेण्ड्स ऑफ एमपी से सुझाव आमंत्रित करने के लिये एक पोर्टल भी बनाया जायेगा. ताकि संवाद का एक प्रभावी माध्यम बना रहे. इसमें ‘टेलेंट-पूल’ भी बनाया जायेगा. जिसके माध्यम से विषय विशेषज्ञ अपने सुझाव दे सकेंगे. उन्हें प्रदेश के विभिन्न विभागों से जोड़ा जाएगा और उनका परीक्षण कर सरकार उन पर अमल करेंगी. प्रति माह मध्यप्रदेश की गतिविधियों से फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. को अवगत कराने के लिये एक न्यूज लेटर जारी करेगी.

चैप्टर गठित होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य देशों में फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. चेप्टर गठित किये जायेंगे. चेप्टर के माध्यम से उन देशों में विभिन्न कार्यक्रम किये जाएंगे. वे वहां ब्राण्ड ए बेसेडर के रूप में प्रदेश के लिए निवेश प्रचार प्रसार करेंगे. अगर वे लोग हमे आमंत्रित करेगे तो वह स्वयं या प्रदेश के प्रतिनिधि उसमें भागीदारी दर्ज करायेंगे.

मुख्यमंत्री ने फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. के सदस्यों से उनके देशों में एक नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजित करने तथा 2 जुलाई पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधरोपण करने की सलाह भी दी.

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