भोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में नगद रहित लेन-देन को बढ़ावा देने के लिये और उपाय किये जायें, ये भ्रष्टाचार नियंत्रण का कारगर उपाय है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक श्री चौहान कल मंत्रालय में कैशलेस ट्रांजेक्शन की समीक्षा कर रहे थे।

बताया गया कि प्रदेश में राजस्व प्राप्तियों का 69 प्रतिशत भाग ई-भुगतान प्रणाली से प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कैशलेस ट्रांसजेक्शन के लिये किये गये उपायों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसके प्रति आम आदमी को जागरूक बनाया जाये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के लोक सेवा केन्द्रों में सेवा शुल्क की प्राप्ति शत-प्रतिशत नगद रहित होती है। इसी तरह प्रदेश की 257 कृषि उपज मंडियों में 95 प्रतिशत लेन-देन बैंकिंग चैनल के माध्यम से किया जा रहा है।

किसानों को समर्थन मूल्य पर खरीदी का शत-प्रतिशत कैशलेस भुगतान किया जाता है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शुल्क की प्राप्ति भी कैशलेस करने की व्यवस्था की जा रही है साथ ही नगरीय निकायों द्वारा भी शुल्क की प्राप्ति कैशलेस की जा रही है।

यह व्यवस्था इन्दौर, भोपाल और बुरहानपुर नगर निगमों द्वारा शुरू भी कर दी गई है। प्रदेश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को प्रोत्साहित करने के लिये पीओएस मशीनों की खरीदी में वैट और प्रवेश कर की छूट दी गई है। सरकारी बैंकों द्वारा डिमांड ड्राफ्ट, आरटीजीएस, एनईएफटी पर देय शुल्क समाप्त किये गये हैं। साथ ही सहकार बटुआ का भी शुभारंभ किया गया है। बताया गया कि प्रदेश के 13 हजार गाँव में वित्तीय साक्षरता शिविर लगाये जा चुके हैं। इनमें नये खाते खोले गये और खातों को आधार से जोड़ा गया। साथ ही रुपे कार्ड और पिन वितरित किये गये।

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