कैबिनेट के अहम फैसले

शहर से लगी जमीन पर दिए जाएंगे आवासीय पट्टे

नवभारत न्यूज भोपाल.

लंबे समय से चला आ रहा प्रदेश भर की मर्जर की जमीनों का विवाद अब जल्द ही सुलझेगा. इससे प्रदेश के मर्जर प्रभावितों व पाकिस्तान के सिंधि विस्थापितों को भोपाल के ईदगाह, कोहेफिजा एवं बैरागढ़ की मर्जर की जमीन का मालिकाना अधिकार मिलेगा.

इसके लिए कैबिनेट ने शुक्रवार को मर्जर एवं सिंधी विस्थापितों की जमीन से जड़े विवादों को सुलझाने के लिए नए परिपत्र जारी करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा कैबिनेट में आज अन्य जनहितैषी महत्वपूर्ण निर्णय भी लिये गये.

कैबिनेट के इस निर्णय का सर्वाधिक फायदा भोपाल के कोहेफिजा,ईदगाह ,बैरागढ़ और कटनी के मर्जर प्रभावित लोगों को मिल सकेंगा. इसी के साथ दखल रहित भूमि अधिनियम में संशोधन के लिए भी विधेयक लाया जाएगा. इसके बाद शहर से लगी जमीन पर पट्टे दिए जा सकेंगे. जबलपुर में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खोलने का भी फैसला लिया गया.

अब ईदगाह की घोषित सरकारी जमीन का आदेश होगा निरस्त

कैबिनेट में तय किया गया कि मर्जर और सिंधी विस्थापितों के जमीन से जुड़ेे विवाद सुलझाए जाएंगे.सूत्रों के मुताबिक मर्जर से जुड़ा नया परिपत्र जारी होने से ईदगाह की 600 हेक्टेयर जमीन को तत्कालीन कलेक्टर अनुराग जैन ने जो सरकारी घोषित कर दिया था, इस निर्णय के बाद वो आदेश निरस्त हो जाएगा.इससे ईदगाह के रहवासियों को न सिर्फ जमीन का मालिकाना अधिकार मिलेगा बल्कि नामांतरण और रजिस्ट्री पर लगी रोक भी हट जाएगी.

इसका लाभ शहर में अन्य जगह मर्जर की जो भी जमीन के विवाद हैं वे भी सुलझ जाएंगे. इसी तरह पाकिस्तान से विस्थापित सिंधियों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा था.ऐसे सभी विस्थापितों को अब उन्हें मर्जर जमीन का मालिकाना मिल जायेगा. इसके लिए राजस्व विभाग नए परिपत्र जारी करेगा.

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