arunनई दिल्ली,  देश में बढ़ रही असहिष्णुता को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली मोदी सरकार की ढाल बनकर खड़े हो गए हैं. साथ ही में प्रदर्शनों पर भी प्रहार किया है. जेटली ने फेसबुक पर लिखा है कि 2002 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सबसे ज्यादा असहिष्णुता झेली है. वह वैचारिक असहिष्णुता के सबसे बड़े पीडि़त हैं.

कांग्रेस, वामपंथी विचारकों पर वार
जेटली ने कहा है कि ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने बीजेपी की विचारधारा को कभी स्वीकार नहीं किया. जाहिर तौर पर कांग्रेस वामपंथी विचारक और एक्टिविस्ट इनमें शामिल हैं. वे बीजेपी से असहिष्णुता दिखाते रहे हैं. उनकी दोहरी रणनीति है. पहली, संसद में बाधा डालना और सुधार न होने देना. दूसरी, एक संगठित प्रोपैगेंडा फैलाना. ऐसा माहौल बनाना कि भारत में सामाजिक संघर्ष है. वे भारत को असहिष्णु राष्ट्र के तौर पर प्रोजेक्ट करना चाहते हैं. जबकि सच कुछ और है.
भारत हमेशा सहिष्णु और उदार रहेगा.

 

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