बड़वानी,  मध्यप्रदेश में आयकर विभाग खण्डवा वृत्त के संयुक्त आयकर आयुक्त व.जे. बोरिचा ने अपील की है कि कर संबंधी विभिन्न परेशानियों से बचने के लिए नागरिक अपनी अघोषित आय को 31 मार्च तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से घोषित कर सकते है।

इस विषय को लेकर आज सेंधवा में आयोजित प्रथम कार्यशाला में श्री बोरिचा ने बताया कि 17 दिसंबर 2016 से आरंम्भ उक्त योजना 31 मार्च 2017 तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्र के विकास तथा प्रत्येक नागरिक की खुशहाली के लिए आरंम्भ उक्त योजना के तहत नगद , बैंक में जमा तथा पोस्ट ऑफिस में जमा अघोषित राशि को घोषित किया जा सकता है। इसमें राशि का 30 प्रतिशत आयकर के रूप में 9.9 प्रतिशत अधिभार (सरचार्ज) तथा 10 प्रतिशत शास्ति (पेनल्टी) अर्थात कुल 49.9 प्रतिशत जमा किया जायेगा।

इसके अलावा कुल राशि का 25 प्रतिशत चार वर्षो तक स्थायी रूप से बैंक में जमा कराना होगा और इस राशि पर ब्याज की पात्रता भी नहीं होगीं। इस योजना के तहत सर्व प्रथम 49.9 प्रतिशत राशि का चालान तथा 25 प्रतिशत राशि बैंक में जमा करनी होगीं और इसके बाद प्रधान आयकर आयुक्त इंदौर के समक्ष घोषणा का आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके अलावा सी.पी.सी बैंगलुरू को भी आनलाईन आवेदन किया जा सकता है।

प्रधान आयकर आयुक्त, इन्दौर घोषणा आवेदन के प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर पावती जारी कर देंगें। अघोषित आय के बारे मे बताने वालों के नामों का खुलासा नही किया जायेगा, किन्तु 31 मार्च 2017 के बाद घेरे मे आये लोगों की पूरी अघोषित आय जब्त होने के साथ 82.5 प्रतिशत से 137 प्रतिशत तक कर चुकाना होगा।

इस योजना के तहत भारतीय दण्ड विधान संहिता, एन.डी.पी.एस (मादक दृव्य से संबंधित अधिनियम ) , भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम , बैनामी संपत्ति एक्ट या पी.एम.एल.ए. के तहत अभियोजित व्यक्ति लाभ के पात्र नही होगें। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बिना हिसाब की राशि घोषित करते समय कोई व्यक्ति जानकारी छिपाता है या गलत जानकारी देता है तो उसका घोषणा पत्र रद्द हो जायेगा तथा योजना के तहत चुकाया गया कर, अधिभार एवं शास्ति भी जब्त कर ली जायेगी।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्राप्त जुर्माने की राशि का इस्तेमाल गरीबों के लिये जारी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं मे किया जायेगा।

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