shivrajनई दिल्ली, 8 जुलाई, नससे. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिन्दी भाषा की पैरवी करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में हिन्दी भाषा का अधिक से अधिक उपयोग होना चाहिए . साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के विकास के लिए बढ़ावा दिया जाना समय की मांग है और विज्ञान जैसे विषय को भी हिन्दी भाषा के माध्यम से पढ़ाया जाना चाहिए.

श्री चौहान ने 20वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के परामर्शदाता मंडल की बैठक में भाग लेते हुए कहा कि हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए संसद तथा विधानसभा में हिन्दी भाषा का प्रयोग करने पर विशेष बल दिया जाना चाहिए. भाषा को सरल और सहज होना चाहिए. साथ ही सही हिन्दी शब्दों का चयन किया जाना चाहिए. इसके लिए हिन्दी शब्दकोश का विकास किया जाना जरूरी होगा.
बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने की . परामर्शदाता मंडल में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, मध्यप्रदेश के पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र पटवा, वर्धा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश्वर मिश्र सहित मंडल के अन्य गण्यमान्य सदस्यों ने भाग लिया.

उल्लेखनीय है कि विश्व हिन्दी सम्मेलन भोपाल में 10 से 12 सितम्बर 2015 लाल परेड ग्राउण्ड में होना निश्चित हुआ है. इसकी पहली बैठक भोपाल में की जा चुकी है. विश्व हिन्दी सम्मेलन में लगभग 5000 लोगों के भाग लेने की सम्भावना है. सम्मेलन में पत्रकारिता में भाषा का उपयोग सहित 12 अन्य विषय होंगे. विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे और इसका समापन सत्र केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा किया जायेगा. समापन सत्र में मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन का उद्बोधन Óबचपन की पाठशालाÓ आओ अच्छी हिन्दी बोलें विषय पर होगा जिसमें बच्चों को शुद्ध और सही हिन्दी बोलने के लिए प्रेरित करेंगे.

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