भोपाल,  मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आज प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अपने शासन में प्रशासनिक तंत्र पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री सिंह ने यहां सेन्ट्रल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि अब तक किसी मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक तंत्र पर लगाम लगाई है तो वे हैं पूर्व मुख्यमंत्री द्वारिका प्रसाद मिश्रा। उन्होंने कहा कि आज भाजपा शासन में प्रशासनिक तंत्र बेलगाम हो गया है।

सरकार का मुखिया ऐसा होना चाहिये, जो इस पर पूरी तरह से लगाम लगाए रखे, जिससे प्रदेश की हालत बिगड़ने नहीं पाये। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा धार जिले के मोहनखेडा में आयोजित कार्यसमिति की बैठक में दिए गए दो सौ पार के नारे के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह उनकी सोच है, हमारा लक्ष्य सरकार बनाने का है, दो सौ का नहीं। इसे लेकर पार्टी बैठकें भी कर रही है।

अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अरूण यादव प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और उनके ही नेतृत्व में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ा जायेगा। इस दौरान उनसे प्रदेश में शराबबंदी, लालबत्ती छोडने, कुपोषण पर सरकार के श्वेतपत्र लाने जैसे कई अन्य मुद्दों पर भी सवाल पूछे गये।

कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि गुटबाजी किस प्रांत और किस पार्टी में नहीं होती, क्या भाजपा में गुटबाजी नहीं है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ के ‘कमल’ के साथ जाने की अफवाह के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिये। ‘ब्यूरोक्रेसी’ पर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार में दो तरीके की ब्यूरोक्रेसी है, एक उनके चहेते हैं, और दूसरे वे हैं जो काम करना चाहते हैं।

भाजपा के मजबूत संगठन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से संगठन के रूप में रही, कांग्रेस आंदोलन और विचारधारा की पार्टी रही है, इसलिए इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि भाजपा का संगठन मजबूत है।

कांग्रेस के प्रदेश में किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचने के दावे के बाद भी प्रदेश को बार-बार कृषि कृमण पुरस्कार मिलने संबंधित आरोपों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है, किसानों की मेहनत से यह पुरस्कार मिल रहा है, लेकिन अगर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है तो उन्हें इसका उचित मुआवजा दिया जाना चाहिये।

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