bpl1भोपाल,  विगत दस वर्षों से भाजपा सरकार का मजबूत वोट बैंक माना जाने वाला शासकीय कर्मचारी/ अधिकारी तंत्र अचानक विगत 20 दिनों के अंदर अपनी ही सरकार से कुछ इस तरह खफा हुआ कि प्रदेश के इतिहास में यह पहला क्रांतिकारी कदम है.

मध्यप्रदेश के सत्तापक्ष एवं विपक्ष से जुड़े दर्जनों कर्मचारी संगठन ग्राम चौपाल से लेकर मंत्रालय के गलियारे तक एक आवाज में हड़ताल पर चले गये. राजनीतिक गलियारों में ऐसा माहौल बना कि मानो भाजपा सरकार के विरुद्घ यह कर्मचारियों का क्रांतिकारी शंखनाद है. शुक्रवार को राजधानी के सभी शासकीय कार्यालय खाली हो गये और मंत्रालय, सचिवालय के सामने कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारे बुलंद क करने लगे.

प्रदेश के इतिहास में यह प्रथम अवसर है कि सरकार के खिलाफ एक-साथ लगभग दो दर्जन कर्मचारी संगठन अपनी 71 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर एकजुट हुए हैं. कर्मचारी

संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार उनके साथ असंवेदनशील रवैया अपना रही है.

Related Posts: