lekhiनयी दिल्ली,   भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजधानी में प्रस्तावित प्रीमियम बस सेवा को लेकर दिल्ली सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा है कि यह ‘टोपी सरकार के तुगलकी दरबार’ का एक और नमूना है।

पार्टी प्रवक्ता और सांसद मीनाक्षी लेखी ने यहां आज संवाददाताओं से कहा कि इस बस सेवा के लिए सभी तय नियमों का उल्लंघन करते हुए दिल्ली सरकार ने एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है। इसकी जांच होनी चाहिए ताकि फर्जीवाड़ा करने वालों का नाम सामने आ सके।

उन्होंने कहा कि यह बड़ी हैरानी की बात है कि जिस बस सेवा को शुरू करने की इजाजत उप राज्यपाल ने अभी तक नहीं दी है, उसके बारे में श्री केजरीवाल की सरकार ने 20 मई को बाकायदा अधिसूचना जारी कर दी। यह सरकार के छुपे हुए एजेंडे का गवाह है। यह कानूनी रूप से एक अपराध भी है। दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता एवं भाजपा विधायक विजेन्द्र गुप्ता ने इसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार को यह बस सेवा लाने की इतनी हड़बड़ी हो गई थी कि उसने सारे नियम ताख पर रख दिए। मोटर वाहन कानून 1988 का उल्लघंन किया। वित्त मंत्रालय और विधि मंत्रालय से सलाह नहीं ली गई। दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश की भी अनदेखी की, जिसमें साफ कहा गया है कि दिल्ली में कोई भी नयी क्लस्टर बस सेवा शुरू करने के पहले उससे जुड़ा प्रस्ताव न्यायालय के समक्ष पेश किया जाना चाहिए।

श्रीमती लेखी ने कहा कि यह कुछ और नहीं बल्कि दिल्ली परिवहन निगम को खत्म करने की सोची समझी साजिश है। किसी कंपनी को बस रूट तय करने, कितनी बसें चलाई जाएंगी इसकी संख्या तय करने और इन सबसे बढ़कर उसका किराया तय करने का अधिकार कैसे दिया जा सकता है। प्रीमियम बस सेवा के साथ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली में यातायात की समस्या कम नहीं होगी बल्कि और बढ़ेगी। बस कंपनी को मनमानी करने का पूरा अधिकार मिल जाएगा। इस तरह की बस सेवा के बारे में सुनकर 2012 में हुए निर्भया कांड की याद ताजा हो रही है, जिसमें ऐसी ही मनमानी से चलने वाली बसों में यह नृशंस घटना हुई थी।

उन्होंने कहा श्री केजरीवाल हमेशा दावा करते हैं कि उनकी सरकार जनता की सरकार है। सारी योजनाएं जनता से पूछ कर शुरु की जाती हैं तो फिर प्रीमियम बस सेवा के मामले में ऐसा क्याें नहीं किया गया। सबकुछ अपने आप ही क्यों तय कर लिया। नियमाें को ताख पर रख हड़बड़ी में सारे फैसले क्यों लिए गए। इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है और भाजपा इसी साजिश से पर्दा उठाने का काम कर रही है।

प्रीमियम बस सेवा ऐप आधारित बस सेवा है। दिल्ली सरकार ने इसे जून से शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन ऐन मौके पर उपराज्यपाल की ओर से अनुमति नहीं मिलने पर फिलहाल यह मामला अटक गया है।