bpl5भोपाल,  क्राइम ब्रांच भोपाल ने ऐसे फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस गिरोह में काम करने वाले 7 सदस्यों को क्राइम ब्रांच ने गिर तार किया है. ये जालसाज फर्म रजिस्टर्ड कराकर शासकीय टेंडर में न्यूनतम दर अंकित कर, टेंडर अपने नाम कराते थे एवं फर्जी टीडीआर बनाकर काम करते थे.

एएसपी शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार मध्य प्रदेश राज्य कृषि बोर्ड के अधिकारियों की शिकायत पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. शिकायती आवेदन में बताया गया कि अगस्त 2015 में म.प्र. राज्य विपणन बोर्ड द्वारा नवीन मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के निमार्ण हेतु बेतूल जिले के घोडा डोगंरी एवं शाहपुर, बालाघाट जिले के खेरलांझी एवं कटंगी में निमार्ण हेतु आनलाईन निविदा आमत्रित की गई थी. एस.एण्ड टी. इंफ्रास्ट्रक्टचर फर्म ने लोवेस्ट परसेन्टेज रेट पर टेंडर भरा गया था.

फलस्वरूप नव बर में मण्डी बोर्ड कार्यालय द्वारा टेन्डर पास होने की सूचना एवं 5 परसेन्ट सिक्योरिटी मनी जमा करने हेतु एस.एण्ड टी. इंफ्रास्ट्रक्टचर फर्म कहा गया था. उक्त फर्म द्वारा 20 लाख रूपये का टीडीआर जमा किया गया था. फर्म द्वारा भारतीय स्टेट बैंक का टेंडर के विरूद्ध टीडीआर जमा कराया गया. कृषि बोर्ड कार्यालय द्वारा फर्म द्वारा जमा की गई टीडीआर को भारतीय स्टेट बैंक शाखा से क्रास चेक किया गया जिसमें उक्त टीडीआर जारी होना नहीं पाई गई. जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई.

तरीका-ए-वारदात
आरोपियों से की गई पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2011 में शैलेन्द्र रामटेके, त्रिभुवन पटेल, तेजसिंह पटेल, हेमराज सिंगरोली ने मिलकर आपसी एग्रीमेंट कर एस.एण्ड.टी. इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से फर्म का रजिस्ट्रेशन फर्म एण्ड सोसाईटी रजिस्ट्रार एवं गुमाश्ता लायसेंस एवं वाणिज्य कर विभाग में कराया था. तब से सरकारी ठेके के टेण्डर भरकर काम कर रहे थे. अगस्त 2015 में म.प्र. राज्य विपणन बोर्ड द्वारा नवीन मृदा परिक्षण प्रयोगशाला के निमार्ण हेतु बैतूल जिले के घोडा डोगंरी एवं शाहपुर, बालाघाट जिले के खेरलांझी एवं कटंगी में निमार्ण हेतु आनलाईन निविदा आमंत्रित की गई थी. फर्म द्वारा लोवेस्ट परसेन्टेज रेट पर टेंडर भरा गया था.

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