mp2सुठालिया/ब्यावरा,  सुठालिया थानांतर्गत ग्राम गांगाहोनी में मंगलवार प्रात: कम फसल होने तथा कर्ज के बोझ से दु:खी एक वृद्ध किसान द्वारा फांसी लगाकर जान देने की घटना प्रकाश में आई है. उधर बीएमओ द्वारा पीएम करने से मना करने से आक्रोशित लोगों ने शव रखकर आधे घंटे तक चौराहे पर चक्काजाम किया.
जानकारी के अनुसार गांगाहोनी निवासी अमर सिंह पिता किशनलाल लोधा 60 वर्ष ने गांव के समीप नाले के यहां सरकारी कुएं के पास एक पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी.

17 बीघा में निकली 5 क्विंटल सोयाबीन – मृतक के पुत्र रामलाल और दिनेश ने बताया कि उनके पिता के 17 बीघा खेत में मात्र 5 क्विंटल सोयाबीन ही निकल पाई थी. अतिवृष्टि के कारण इतनी कम उपज निकलने से वह काफी व्यथित थे. हर समय इसी सदमें को लेकर वह चिंतित रहते थे. कृषक पर एक लाख रुपये ग्रामीण बैंक का केसीसी था. साथ ही कृषि कार्य हेतु 4-5 लाख की उधारी थी. मृतक के पुत्रों का कहना है कि उनके पिता कम फसल को लेकर काफी चिंतित रह रहे थे. इसी सदमें में उन्होंने यह कदम उठा लिया. पुलिस द्वारा मर्ग कायम का मामले को जांच में लिया है.

कर्ज चुकाने को लेकर था चिंतित- मृतक के पुत्रों के अनुसार उनके पिता जिन लोगों का कर्ज देना था उसे चुकाने के लिये काफी चिंतित थे. वह इसके लिये उनसे रुपये की मांग कर रहे थे. किंतु किन लोगों का कर्ज देना था इसको उन्होंने नहीं बताया. कर्ज के बीच कम फसल का आना उन्हें काफी व्यथित कर रहा था.
पूर्व विधायक पुरषोत्तम दांगी के नेतृत्व में हुआ चक्काजाम- सुठालिया बीएमओ एस.सी. अहिरवार द्वारा मृतक का पीएम करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया गया कि पीएम के लिये ब्यावरा से चिकित्सक आ रहे है. इससे परिजन, नागरिक आक्रोशित हो उठे और पूर्व विधायक पुरुषोत्तम दांगी के नेतृत्व में बस स्टेण्ड के यहां चौराहे पर शव को रखकर चक्काजाम शुरु कर दिया.

इस दौरान विजय बहादुर सिंह, कृष्णपाल सिंह सिसौदिया, मोहन लोधी, श्याम पालीवाल, मनोज बना, मदनमोहन लोधी, कैलाश मेहर पार्षद, दशरथ सौंधिया सहित इंकाई, परिजन, ग्रामीण मौजूद थे. थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर की समझाईश तथा बीएमओ के पीएम करने तैयार होने के बाद चक्काजाम खत्म कर मृतक का पीएम हो सका.

सरकारी नौकरी, दस लाख के मुआवजे की मांग
पूर्व विधायक पुरषोत्तम दांगी का कहना है कि किसानों की स्थिति काफी दयनीय है. किसान द्वारा कम उपज एवं कर्ज होने से परेशान हो आत्महत्या की. उन्होंने प्रदेश सरकार से मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी एवं 10 लाख रुपये की राहत राशि दिये जाने की मांग की.

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