नवभारत न्यूज खंडवा,

संविदा स्वास्थ कर्मचारियों ने शहीद दिवस पर फाँसी के फंदे गले में डाल कर सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की। यह संविदा कर्मचारी पिछले एक माह ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, साथ ही सरकार को अपनी मांगों के प्रति जगाने के लिए हर दिन नय नय तरीको से प्रदर्शन भी कर रहे हैं। उसी कड़ी में शुक्रवार को इन्होंने फाँसी के फंदे अपने गले में डाल कर सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की।

संविदा कर्मियों ने कहा कि हमारा देश अभी भी पूरी तरह गुलामी से मुक्त नहीं हुआ। संविदा के रूप में सरकार अभी भी कर्मचारियों का शोषण कर रही है। जब तक इस प्रकार के शोषण से मुक्ति नहीं मिलती तब तक पूरी आजादी नहीं मिल सकती। इन्होंने कहा कि हम लोगों ने सरकार को बताने के लिए आज निष्कासन, संविदा एप्रेजल, शोषण और कम वेतन को लेकर शहीदों की तरह फाँसी के फंदे पर लटके। इन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार जब तक मांग नहीं मानेगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

संविदा कर्मियों के बीच पहुंचे जनप्रतिनिधि

मप्र संविदा सयुंक्त संघर्ष मंच द्वारा जारी नियमितीकरण की मांग को लेकर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के 9 वें दिन भी जारी रही। शुक्रवार को खंडवा विधायक देवेन्द्र वर्मा भी इनके बीच पहुंचे। श्री वर्मा ने मंच की मांगों को जायज बताया और कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आगामी अप्रैल माह में संविदा कर्मियों की महापंचायत भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित कर नियमित किये जाने की घोषणा करने की सुचना दी।

मंच को पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद जैन ने भी समर्थन देते हुए कहा कि संविदाकर्मियों का शासन द्वारा शोषण किया जा रहा है, इन्हें नियमित कर्मचारियों के समान न तो वेतन न ही सुविधाएं, न अवकाश और न ही अतिरिक्त भत्ते दिए जाते है। जबकि कार्य इनसे दुगुना करवाया जाता है।

श्री जैन ने भाजपा सरकार से संविदाकर्मियों को नियमित किये जाने की मांग की। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ भोपाल के अध्यक्ष एसआर राजपूत ने प्रतिनिधिमंडल के साथ उपस्थित होकर संघर्ष मंच को नैतिक समर्थन दिया। इस अवसर पर संघर्ष मंच के जिला सदस्य, कोर समिति पदाधिकारी एवं समस्त संविदाकर्मी मौजूद थे।

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