नई दिल्ली,  महंगाई की आग फिर से भड़क उठी है, और आम जनता की जेब पर महंगाई ने बड़ा अटैक किया है। देश के कुछ इलाकों में मॉनसून ने भले ही दस्तक दे दी हो लेकिन गर्मी ने पूरे देश का हाल बेहाल कर दिया है। अब गर्मी के साइड इफेक्ट्स भी दिखना शुरू हो गए हैं। देशभर में बढ़ती महंगाई से हाहाकार मच गया है। पिछले 15 दिनों में महंगाई का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। दाल तो पहले ही हमारी थाली से गायब हो चुकी थी। और अब सब्जी, दूध, आटा और खाने के तेल के दाम भी इतने बढ़ गए हैं कि किचन में क्या पकाया जाए ये सोचना पड़ रहा है।

महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। महंगाई का हाल बताएं तो यहां टमाटर का भाव 1750 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है, जो 29 अप्रैल को 600 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा था। भिंडी 2500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में मिल रही है, जो 29 अप्रैल को 2000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रही थी। पत्ता गोभी का भाव 1175 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जबकि 29 अप्रैल को इसका भाव 525 रुपये था।

बैंगन का भाव 1925 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है, जो 29 अप्रैल को 875 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा था। गोभी 2740 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में मिल रही है, जो 29 अप्रैल को 2085 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रही थी। आलू का भाव 1670 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जबकि 29 अप्रैल को इसका भाव 1100 रुपये था।

महंगाई की मार से गुजरात भी अछूता नहीं है। यहां मिल्क कंपनियों ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। साथ ही तेल के दाम भी बढ़ गए हैं। दूध 2 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। दूध महंगा होने से दही, छाछ और बटर की कीमत भी बढ़ गई है। गुजरात में मूंगफली का तेल 20 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हुआ है, यही नहीं यहां हर तरह के तेल 15-20 फीसदी तक महंगे हो गए हैं।

नागपुर में इन दिनों सब्जियों के दाम लगभग हर दिन बढ़ रहे हैं। टमाटर का मौजूदा भाव 80 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है, जो 15 दिन पहले 40 रुपये प्रति किलो पर बिक रहा था। आलू का भाव भले ही नहीं बढ़ा है, लेकिन ककड़ी 60 रुपये प्रति किलो में बिक रही है, जबकि 15 दिन पहले इसका भाव 40 रुपये प्रति किलो था। प्याज का भाव 20 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है, जो 15 दिन पहले 8-10 रुपये प्रति किलो में मिल रहा था।

टिंडे का मौजूदा भाव 60 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है, जो 15 दिन पहले 50-55 रुपये प्रति किलो पर बिक रहा था। हरी मिर्च 100 रुपये प्रति किलो में बिक रही है, जबकि 15 दिन पहले इसका भाव 60-70 रुपये प्रति किलो था। बींस का भाव 200 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है, जो 15 दिन पहले 70-80 रुपये प्रति किलो में मिल रही थी।

हर परिवार के लिए अपने किचन का बजट बनाना कभी इतना मुश्किल नहीं था, जितना इन दिनों हो गया है। तेल, दूध, सब्जी-फल और आटा-दाल, हर चीज के भाव पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ गए हैं। नतीजतन, अब उन्हें कई जगहों पर कटौती करनी पड़ रही हैं। सोचने की मजबूरी भी है। टमाटर, जो 10 दिन पहले 30 रुपये किलो बिक रहा था, आज 50 रुपये किलो है। भिंडी का दाम 30 रुपये से बढ़कर 40 रुपए किलो हो गया है।

नींबू भी 100 रुपये किलो से बढ़कर 120-130 रुपये किलो हो गया है। तोरई भी 5 रुपये किलो महंगी हुई है और 35 के बजाए 40 रुपये किलो बिक रही है। लेकिन फल-सब्जी ही नहीं, महंगाई की मार तो चौतरफा है। लाखों परिवार की यही स्थिति है। तो, सरकारी दावों में महंगाई से भले ही राहत मिल रही हो, हकीकत में तो इसकी मार ही झेलनी पड़ रही है।

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