आरटीई के तहत प्रवेश का मामला

बैरसिया,

विकास खंड स्तर पर संचालित प्राईवेट स्कूलों के समस्त संचालकों को आरटीई के तहत प्रवेश पाने बाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति का प्रशिक्षण बीआरसी हरनाथ सिंह ने कार्यालय के सभा कक्ष में दिया.

बीआरसी ने बताया की भारत सरकार के वित्त पोषित योजना आर.टी.ई में अब आधार जरूरी है. साथ ही समग्र आईडी और प्रवेश प्रक्रिया में शामिल समस्त दस्तावेजों का मिलान भी होना चाहिये तभी यह फीस प्रतिपूर्ति की राशि शालाओं को मिल पायेगी. आर.टी.ई. योजना अंतर्गत 2016-17 की फीस प्रतिपूर्ति के लिए जन शिक्षा केंद्र स्तर पर अशासकीय शाला संचालकों का यह प्रशिक्षण रखा गया था.

प्रशिक्षण में बताया गया की भारत सरकार द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर में ही इन तीनों जानकारियों का मिलान किया जाएगा. फीस प्रतिपूर्ति का पैसा तभी जारी होगा जब तीनों जानकारियां आपस में मैच होंगी.

यह मॉडल संचालकों को स्क्रीन पर भी दिखाकर प्रशिक्षण दिया और बताया की स्कूल प्राचार्य के डिजिटल सिग्नेचर डोंगल से सभी जानकारियां लाक होंगी और नोडल अधिकारी इस जानकारी को सत्यापित करेंगे.

स्कूलों ने बताई अपनी समस्या

प्रशिक्षण में एंजिलिक स्कूल की संचालक नमिता शर्मा ने प्राईवेट स्कूलों की तरफ से अपनी समस्या रखी. उन्होंने बताया कि कई बच्चों के आधार अभी नहीं बने हैं और समग्र व आधार में अलग-अलग जन्म तिथि व नाम की गलती आ रही है. जिसका सुधार आवश्यक है.

इसके लिए हेल्प डेस्क बनाई जाए अथवा आधार सत्यापन द्वारा फीस प्रतिपूर्ति अगले सत्र से शुरू किया जाए जिससे शाला संचालक अपनी तैयारी पूर्ण कर सके.

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