federal_reserveवाशिंगटन,  अमेरिका के केन्द्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने दो दिवसीय नीतिगत बैठक के बाद बुधवार को ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसने जून में इसे बढ़ाने का विकल्प खुला रखा है।

फेडरल रिजर्व ने जारी बयान में संकेत दिया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद वह मौद्रिक नीति को सख्त कर सकता है। बैंक की ब्याज दर निर्धारण करने वाली समिति ने कहा कि मार्च में हुई अंतिम बैठक के बाद श्रम बाजार में सुधार के संकेत मिले हैं लेकिन आर्थिक विकास की रफ्तार सुस्त हुई है।

केन्द्रीय बैंक कहा कि वह मंहगाई पर कड़ी नजर रखे हुए है और वैश्विक आर्थिक दिक्कतें भी उसकी नजर में हैं। उसने कहा, “समिति मंहगाई के संकेतों, वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय गतिविधियों पर लगातार कड़ी नजर रख रही है।”
फेडरल रिजर्व के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही जबकि डॉलर में प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में मामूली परिवर्तन हुआ।

उल्लेखनीय है कि फेडरल रिजर्व ने पिछले साल दिसंबर में एक दशक में पहली बार ब्याज दर में बढ़ोतरी की थी। उसने आगे भी इसमें क्रमिक बढ़ोतरी के संकेत दिये थे। मार्च में हुई नीतिगत बैठक में फेडरल रिजर्व ने इस साल दो और बढ़ोतरी का पूर्वानुमान किया था। ऐसा माना जा रहा है कि वह जून में ब्याज दर को 0.25 फीसदी से बढ़ाकर 0.50 फीसदी कर सकता है। हालाँकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस साल ब्याज दर में पहली वृद्धि सितंबर में होगी।

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