फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रान्सुआ ओलांद इन दिनों भारत यात्रा पर आये हुए है. वे आज 26 जनवरी को दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड में मुख्य अतिथि है. उनका तीन दिवसीय दौरा चंडीगढ़ से शुरू हुआ. यही भारत का एक मात्र ऐसा शहर है जिसे खाली जमीन पर बिलकुल नये सिरे से बसाया है. इसीलिए यह सबसे साफ-सुथरा व व्यवस्थित नगर और सुंदर नगर है.

इसके आर्कीटेक्ट फ्रांस के श्री ली कार्बूजिये और भारत के नामीगिरामी लोकसभा सांसद श्री पीलू मोदी थे, जो पेशे से आर्कीटेक्ट भी थे. उसी संदर्भ में भारत और फ्रांस के बीच इस यात्रा में जो 16 समझौते हुए हैं उनमें एक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के बारे में है. फ्रांस, चंडीगढ़, नागपुर और पुडुचेरी (पांडुचेरी) को स्मार्टसिटी बनाने में उसकी विकास एजेंसी ए.एफ.डी. के माध्यम से सहयोग देगा.

अब से कोई 97 वर्ष पूर्व ब्रिटिश काल में सन् 1911 में जब देश की राजधानी कोलकाता से, जो उस समय कलकत्ता कहलाता था, दिल्ली लायी गयी तो अंग्रेजों ने दिल्ली से सटे हुए खाली रायसीना पहाड़ी क्षेत्र में नयी दिल्ली बसाई. इसके आर्कीटेक्ट ब्रिटिश नागरिक श्री लुटियन थे. अब देश में बनने जा रहे स्मार्ट सिटी कितने आधुनिक होंगे यह समय ही बतायेगा. भारत भर में शहरों व गांवों तक के मास्टर प्लान एक अर्से से थोक में बनते आ रहे हैं. लेकिन कहीं कोई नवनिर्माण व नया रूप दिखाई नहीं दे रहा है. अतिक्रमणों व गंदगी ही सर्व-व्याप्त है.

इस समय श्री ओलांद ने अपने दौरे में भारत के साथ आतंक के विरुद्ध संघर्ष में सहभागिता का सहयोग जताया है. पठानकोट एयरबेस पर हाल ही के आतंकी हमले से पहले पेरिस में आतंकी हमला हो चुका है. इससे पहले भी वहां एक साप्ताहिक अखबार पर आतंकी हमला किया गया था. श्री ओलांद के दौरे से पहले भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी फ्रांस का दौरा कर चुके हैं. वे सिविल ऐवियेशन के विमान बनाने वाली विशाल एयरबस का कारखाना देखने भी गये थे. मेक इन इंडिया के तहत एयरबस भारत में आकर पूंजी निवेश व कारखाना स्थापन के साथ यहीं एयरबस बनायेगा. इसी संदर्भ में अमेरिका में विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग भी भारत आ रही है. वह भी बोइंग विमान भारत में ही बनायेगी.

रक्षा के क्षेत्र में वायुसेना के लिये आजादी के बाद से एक लंबे अरसे तक भारत ब्रिटेन से भारतीय वायु सेना के लिये लड़ाकू विमान लेता रहा. उसके बाद भारत ने अमेरिका एफ-16 लड़ाकू विमान लिये. निक्सन काल में भारत ने अमेरिका से रक्षा सौदे बंद कर दिये और भारतीय वायु सेना ने रूस के मिग-21 लड़ाकू विमान लिये. अब भारत ने यह निर्णय लिया है कि भारतीय वायु सेना में फ्रांस के राफेल फाइटर प्लेन शामिल किये जायेंगे. पिछले साल अप्रैल में श्री मोदी ने फ्रांस यात्रा के समय 36 राफेल फाइटर प्लेन लेने का ऐलान किया था.

इस समय श्री ओलांद ने कहा है कि भारत-फ्रांस राफेल डील सही ट्रेक पर चल रही है. यह दोनों देशों के लिये महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है. फ्रांस की एक उच्च स्तरीय टीम फाइनल बातचीत के लिये इन दिनों दिल्ली आई हुई है. श्री मोदी ने चंडीगढ़ में भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन में कहा कि रक्षा सामग्री के निर्माण क्षेत्र में फ्रांस बहुत सशक्त है और भारत के पास युवा टैलेंट है. दोनों देश मिलकर रक्षा सामग्री उत्पादन में बहुत कुछ नया कर सकते हैं. श्री ओलांद ने कहा कि दुनिया ने भारत को निवेश का पसंदीदा केंद्र के रूप में स्वीकार किया है. भारत में 400 फ्रांसीसी कंपनियां काम कर रही हैं.

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