भोपाल,   अवधपुरी थाना इलाके से बच्ची का अपहरण कर दुष्र्कम करने वाला आरोपी सीरियल रेपिस्ट निकला.

इससे पहले भी आरोपी कई मासूम बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बना चुका है. पुलिस ने आरोपी को चार दिन के रिमांड पर ले लिया है. पुलिस को उ मीद है कि आरोपी से पूछताछ में कई ओर ऐसी ही वारदातों का खुलासा हो सकता है.

उल्लेखनीय है कि होली वाले दिन शाम छह बजे घर के बाहर अपनी सहेली के साथ होली खेल रही 10 वषी य मासूम बच्ची को आरोपी प्रमोद शर्मा चॉकलेट दिलाने का लालच देकर अपनी साइकल पर बैठाकर ले गया था. आरोपी बच्ची को खजूरी के पास स्थित एक खेत में ले गया और वहां उसको अपनी हवस का शिकार बनाया. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी और बच्ची की ताबड़तौड़ तलाश शुरू कर दी थी.

पड़ताल में पुलिस को आरोपी का सीसीटीवी फुटेज मिल गया था. जिसमें आरोपी प्रमोद बच्ची को अपने साथ साइकल पर लेजाता साफ दिखाई दे रहा था. पुलिस ने सीसीटीवी फ ुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे घटना के अगले दिन गुरुवार शाम को दबौच लिया था. कुछ देर पुलिस को गुमराह करने के बाद आरोपी टूट गया और उसने बच्ची के अपहरण और उसके साथ रेप की वारदात कुबूल कर ली थी.

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक खेत से बच्ची को भी लहुलुहान हालत में बरामद कर लिया था. बाद में पुलिस ने बच्ची को पिपलानी स्थित एक निजी अस्पातल में उपचार के लिए भर्ती कराकर उसके परिजनों को जानकारी दी थी. फिलहाल बच्ची खतरे से बाहर बताई जा रही है.

पुलिस के पास नही थे जवाब
डीआईजी रमन सिंह सिकरवार के मुताबिक बच्ची को 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिया गया था. लेकिन जहां से बच्ची बरामद हुई वह स्थान डीआईजी के अनुसार घर से एक-डेड़ किलोमिटर दूर ही था तो पुलिस सवाल यह है कि पुलिस को कार्रवाई करने में 24 घंटे कैसे लग गए. वही पुलिस के कहना है कि बच्ची के घर से महज 100-150 मीटर की दूरी पर ही आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ लिया गया तो फि ल सवाल यह है कि क्या आरोपी खुद ही आत्मसमप ण करने आया था. कुल मिलाके पुलिस की बताई कहानी किसी भी पत्रकार के गले से पूरी तरह नीचे नही उतरी.

आरोपी के खिलाफ रासुका के तहत हुई है कार्रवाई
डीआईजी रमन सिंह सिकरवार के मुताबिक आरोपी शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरनाक हो सकता है इसलिए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपरहण, रेप, पॉस्को और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून सहित कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. फि लहाल पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 4 अप्रैल तक के लिए पुलिस रिमांड पर ले लिया है. पुलिस अब आरोपी से उसके द्वारा किए गए अन्य अपराधों के बारे में भी पूछताछ करेगी

वेल्डर के सीसीटीवी कैमरे और दो पुलिसकर्मियों की तत्पता  से धराया आरोपी

डीआईजी रमन सिंह सिकरवार के अनुसार बच्ची के अपहरण के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों समेत चार थाना पुलिस बच्ची की तलाश में जुट गई थी. सबसे पहले पुलिस ने बच्ची के घर के आसपास लगे सारे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. पुलिस को वेलडिंग का काम करने वाले इंदल सिंह राजपूत ने अपनी दुकान में लगे सीसीटीवी फु टेज उपलब्ध कराए. सीसीटीवी फु टेज में आरोपी प्रमोद बच्ची को अपने साथ साइकल पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया.

पुलिस ने आरोपी और उस साइकल को आधार बनाकर आरोपी की तलाश शुरु की. बच्ची के अपहरण के अगले दिन अवधपुरी थाने के दो पुलिसकमी रामकुमार और लाल बहादुर ने घटनास्थल से कुछ ही दूर एक संदिग्ध व्यक्ती का पीछा कर उसे हिरासत में ले लिया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने वाले वेलडर इंदल सिंह राजपूत और दोनों पुलिसकर्मियों को 10-10 हजार का इनाम देने की घोषणा की है. इनमें से वेलडर इंदल सिंह ने इनाम में मिली 10 हजार की रकम तुरंत पीड़ित बच्ची को देने की घोषणा कर डाली.

 

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