modi1नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बच्चों को परीक्षा देने के पहले हर तरह से तनाव एवं दबाव से मुक्त रहने की सलाह दी और उनके साथ महान क्रिकेटर भारत रत्न सचिन तेंदुलकर, शंतरज चैम्पियन विश्वनाथन आनंद, राम कथा वाचक मुरारी बापू और मशहूर वैज्ञानिक भारत रत्न प्रो. सीएनआर राव ने भी अपने अपने अंदाज़ में बच्चों को परीक्षा देने को लेकर कई अहम गुर सिखाये.

मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित अपने 17 वें ‘मन की बातÓ कार्यक्रम में एक मार्च को शुरू हो रही 10वीं और 12वीं के परीक्षा से पहले बच्चों से संवाद किया और उनसे कहा कि परीक्षा को दूसरों से स्पर्धा और अंकों का खेल मानकर उसके हिसाब किताब में नहीं फंसे बल्कि किसी महान उद्देश्य को जोड़ कर और किसी सपने को लेकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि वे हर किस्म के बाहरी दबाव से बचें और अपने लक्ष्य को खुद ही तय करके मुक्त मन, मुक्त सोच, मुक्त सामथ्र्य से परीक्षा कक्ष में प्रवेश करें.

उन्होंने कहा, दोस्तों, परीक्षा को अंकों का खेल मत मानिये. हर परीक्षा उस महान उद्देश्य की पूर्ति का एक कदम होगी.

कहां पहुंचे, कितना पहुंचे? उस हिसाब-किताब में मत फंसे रहिये. जीवन को तो किसी महान उद्देश्य के साथ जोडऩा चाहिए. एक सपनों को लेकर चलना चाहिए, संकल्पबद्ध होना चाहिए. …अगर सपने विशाल, विराट रहें, तो परीक्षा अपने आप में एक आनंदोत्सव बन जायेगी.

हर सफलता उस महान उद्देश्य को प्राप्त करने की चाभी बन जायेगी.