भोपाल,

भारत के पारंपरिक खेलों के माध्यम से बच्चों में शारीरिक दक्षता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. इसमें योग, हेल्थ एण्ड फिटनेस काउंसलिंग के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को भी जूडो का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है.

यह बात जवाहर बाल भवन में आयोजित ग्रीष्मकालीन कैैम्प में जूडो के अध्यापक प्रवीण भटेले ने बतायी. इस कैम्प में 05 से 16 वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जाता है. इस वर्ष ग्रीष्मकाल में खेलकूद गतिविधि के अन्तर्गत बालक-बालिकाओं को जूडो का प्रशिक्षण भी प्रारंभ किया गया है.

यह प्रशिक्षण विषय विशेेषज्ञ प्रवीण भटेले द्वारा सांय 6 बजे से 8 बजे तक दिया जा रहा है. इस कैम्प मेें बच्चों को खेल के साथ व्यक्तित्व निर्माण की शिक्षा भी दी जा रही है. यहां पर बच्चे पेंटिग,डॉसिंग, सिगिंग,एक्टिंग के साथ 15 एक्टिविटी में हिस्सा लेे रहे है.

बच्चों को आत्मरक्षा हेतु सशक्त बनाने के साथ-साथ शारीरिक दृढ़ता के लिए इस तरह के प्रशिक्षण की शुरुआत बालभवन में की गई है. यहां पर हम बच्चों को स्पेशल कोर्स ट्रेनिंग दी जा रही है.
डॉ. उमाशंकर नगायच, संचालक

यहां पर बच्चों को एक्टिंग भी सीखाई जा रही है, और बच्चे बड़ी रू चि से सीख रहे है, यह कै म्प 15 जून तक चलेगा.
के.जी त्रिवेदी, एक्टिंग टीचर

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