नई दिल्ली. अगले हफ्ते पेश होने वाले बजट में सरकार टैक्स बचाने के कुछ और तरीके टैक्सपेयर्स के हाथों में दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक सरकार सेक्शन 80सी के अलावा एक अलग सेक्शन का प्रावधान कर सकती है. साथ में टैक्स स्लैब में भी फेरबल की संभावना है.

बजट में सेक्शन 80सी के अलावा टैक्स बचाने के दूसरे रास्तों का ऐलान किया जा सकता है. 25000 रुपये से 50000 रुपये तक के निवेश का दूसरा विकल्प दिया जा सकता है. दूसरे विकल्प का मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रकम जुटाना हो सकता है. दूसरे विकल्प का मकसद लोगों में बचत को बढ़ावा देना हो सकता है. इनकम टैक्स स्लैब में भी फेरबदल पर चर्चा संभव है. फिलहाल इनकम टैक्स के 3 स्लैब हैं और टैक्स स्लैब में बदलाव का मकसद टैक्स बेस बढ़ाना होगा.
यूपीए सरकार की कमजोर टैक्स पॉलिसी ने भारत की छवि को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया. जीएएआर, वोडफोन, शेल गैस टैक्स विवाद के बाद देसी विदेशी निवेशकों ने भारत से दूरी बना ली और भारत की इमेज पर इसका बुरा असर पड़ा. हालांकि मोदी सरकार आने के बाद सेंटीमेंट सुधारे हैं लेकिन अब भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इस बजट में एक स्पष्ट और स्थिर पंचवर्षीय टैक्स पॉलिसी की घोषणा की जाएगी जिसको हर साल बदलने की जरूरत नहीं होगी.

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