मध्यप्रदेश नदी संरक्षण, शुद्धिकरण देश में बहुत ही बड़े काम में अग्रणी होकर सामने आ रहा है.बान्द्राभान में तवा-नर्मदा के संगम पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बहुत ही सार्थक घोषणा की है कि राज्य में 313 ऐसी नदियों को पुनर्जीवित किया जायेगा जो अतिक्रमण में लुप्त हो चुकी हैं.

श्री चौहान ने नमामि देवी नर्मदे से नर्मदा शुद्धि योजना को केन्द्र के गंगा एक्शन प्लान से आगे कर दिया.लेकिन नर्मदा पर उन्हें एक ध्यान अवश्य रखना होगा कि नर्मदा का अति दोहन नहीं होना चाहिए अन्यथा यह भी सदानीरा न रहकर बीच-बीचमें सूखी दिखाई देगी.

इसको क्षिप्रा से जोडक़र एक नया काम तो किया लेकिन यह सार्थक नजर नहीं आया. दोनों ही नदियों में पानी का अभाव हो रहा है. नर्मदा के पानी पर राज्य की जरूरतें भी बढ़ गयीं और इसे दूसरे राज्य भी मांग रहे हैं.

श्री चौहान को यह कार्यक्रम शुरू करना चाहिए कि नदियों व बड़े-बड़े बांध ड्रेजर चलाकर उनमें से गाद बराबर निकाली जाती रहे जिनसे उनका जल संग्रहण काफी ज्यादा होता रहा. मनरेगा के तहत हर गांव का भी एक तालाब बनाया जाना चाहिए.

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