railwayनई दिल्ली,  रेल मंत्रालय इस बार के रेल बजट में ट्रेनों का किराया 5 से 10 फीसदी बढ़ा सकता है.

बताया जा रहा है कि रेवेन्यू का लक्ष्य पूरा न कर पाने और कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मजबूरियों के कारण रेलवे यात्री किराया और माल भाड़ा, दोनों बढ़ावे के विकल्प पर विचार कर रहा है.
रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रेलवे को अपने कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए सैलरी देनी है. इस वजह से उस पर 32 हजार करोड़ रुपये का सालाना भार बढ़ेगा. इसके अलावा यात्री किराए और माल भाड़े से कमाई में कमी को भी इसकी एक वजह बताया जा रहा है.

सूत्रों ने बताया कि रेलवे द्वारा कम खर्च करने की वजह से वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए बजट में उसे मिलने वाली राशि में से 8000 करोड़ रुपये की कटौती कर दी है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अभी सिर्फ किराया बढ़ाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है. इस संबंध में अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है.

Related Posts: