menkaनयी दिल्ली,   महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने महिला पत्रकारों से बदलाव का सशक्त माध्यम बनने की अपील करते हुए आज कहा कि देश में महिलाओं और बाल अधिकारों के लिए वे अपनी कलम की ताकत का इस्तेमाल कर सरकारी योजनाओं की सफलता में भागीदार बनें।

श्रीमती गांधी आज यहां महिला संवाददाताओ की अखिल भारतीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। उन्हाेंने इस अवसर पर अपने मंत्रालय की पिछले दो साल की उपलब्धियों का लेखा जोखा पेश करते हुए कहा कि उन्होंने देश में कन्याओं की शिक्षा,महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण,कौशल विकास, रेाजगार के नए अवसर के साथ ही बाल अधिकारों के संरक्षण और उनके सामाजिक अधिकारों के लिए ‘ लिए कयी तरह की अनूठी योजनाएं शुरु की हैं।

इन योजनाओं की सफलता में महिला पत्रकार अहम भूमिका अदा कर सकती हैं। वह चाहे तों इन योजनाओं के प्रति लोगों को जागरुक बनाने का काम कर सकती हैं। इनके क्रियान्वयन में कोताही दिखे तो सीक्रेट एजेंट बनकर सरकार को इसकी जानकारी दे सकती हैं। योजनाओं की सफलता अकेले सरकार के बूते की बात नहीं है यह सबकी भागीदारी से ही सुनिश्चित होती है।

उन्होंनेे महिलाओं की सुरक्षा पर खास जाेर देते हुए कहा कि महिला पत्रकारों को चाहिए कि वह पुलिस बलों में महिलाकर्मियों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए जोर शोर से आवाज उठाएं। अगर ऐसा हो पाया तो हर गांव में महिला पुलिस वालंंटियर की नियुक्ति हो सकेगी जिससे वहां हर घर में महिलाएं खुद को ज्याद सुरक्षित महसूस कर पाएगी।

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