नयी दिल्ली,  दिल्ली महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) का दामन थाम लिया है । भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की माैजूदगी में प्रदेश कार्यालय में अाज आयोजित संवाददाता सम्मेलन में श्रीमती सिंह ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की ।

उनके विरुद्ध कल पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाकर कांग्रेस से छह साल के लिये निष्कासित कर दिया गया था । इससे पहले गुरुवार को दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सिंह ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था । उन्होंने हालांकि कहा था कि वह पार्टी में बनी रहेंगी । उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनने के आरोप लगाए थे ।

पूर्व विधायक ने भाजपा में शामिल होने के मौके पर कहा कि कांग्रेस पहले जनाधार वाली पार्टी थी और अब वह परिवारवाद से संचालित होती है । कांग्रेस नेताओं में सच सुनने की क्षमता नहीं रह गयी है। कांग्रेस काफी नीचे गिर गयी है जिसका उन्हें बहुत दुख है । यह पूछे जाने पर कि महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुये उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ने की बात कही थी ।

श्रीमती सिंह ने कहा कि जब कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया तब उनके सामने कोई विकल्प नहीं बचा था । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुयी हैं । उन्हें पद की कोई लालसा नहीं है और वह विशेषकर महिलाओं की भलाई के काम करने के लिये भाजपा में शामिल हुयी हैं । उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं और विशेषकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से आने वाली दिक्कतों को लेकर जिस तरह काम कर रही है । उससे वह प्रभावित हुयीं है।

सुश्री सिंह महिलाओं के लिये स्वयंसेवी संगठन के जरिये काम करती है। इससे संगठन से बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलायें जुड़ी हुयी हैं । दिल्ली के तीनों निगमों के 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव से पहले सुश्री सिंह के कांग्रेस नेताओं पर दिये गये बयान पर पार्टी ने त्वरित संज्ञान लेते हुये छह साल के लिए दल से निष्कासित कर दिया था । गौरतलब है कि दिल्ली कांग्रेस के कद्दावर नेता और शीला सरकार में मंत्री रहे अरविंदर सिंह लवली ने भी मंगलवार को कांग्र्रेस नेतृत्व पर नगर निगम चुनावों में टिकटों बेचे जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में शामिल हो गये थे ।

सुश्री सिंह ने आरोप लगाया था कि दिल्ली नगर निगम चुनावों के लिये महिलाओं को पर्याप्त संख्या में टिकट नहीं दिये गये । इसकी शिकायत श्री गांधी से भी की गयी थी लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गयी । उन्होंने कहा, “ बहुत दु:खी होकर मुझे यह कहना पड़ रहा है कि श्री गांधी और श्री माकन की अगुवाई में महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा के मसले पर केवल वोट बटोरने के लिये बात की जाती है ।

श्री माकन ने न केवल मेरे साथ दुर्व्यवहार किया बल्कि महिला कांग्रेस की कई अन्य पदाधिकारियों के साथ भी ऐसा बर्ताव किया । यह बात जब श्री गांधी के संज्ञान में लायी गयी तो उन्होंने अनदेखी कर दी ।”

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