obamaवॉशिंगटन,  अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया में संघर्षविराम को लागू करने की जिम्मेदारी शासन और उसके रूसी सहयोगी पर डालते हुए मॉस्को और दमिश्क को चेतावनी दी है कि दुनिया देख रही होगी.

शनिवार को संघर्ष विराम लागू होने से कुछ घंटे पहले ओबामा ने गुरुवार अपने टॉप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकारों से चर्चा की ताकि इस्लामिक स्टेट समूह के खिलाफ अभियान चलाने और आगे बढऩे की योजना बनाई जा सके.
पांच साल से युद्धरत सीरिया में एक आंशिक संघर्षविराम का स्वागत करते हुए ओबामा ने कहा, हर कोई जानता है कि क्या होना चाहिए. सीरिया में इस युद्ध के दौरान अब तक 2.7 लाख लोग मारे गए हैं और जनसंख्या के आधे से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं. विदेश मंत्रालय में दिए बयान में ओबामा ने कहा, संघर्ष संबंधी गतिविधियों पर रोक से जो भी पक्ष जुड़े हैं, उन सभी को हवाई बमबारी समेत सभी हमले बंद करने होंगे.

कब्जे वाले क्षेत्रों तक मानवीय मदद पहुंचने दी जानी चाहिए. ओबामा ने कहा, इसमें से बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करने वाला है कि क्या सीरियाई शासन, रूस और उनके साथी अपने वादे निभाते हैं? उन्होंने कहा, आने वाले दिन नाजुक होंगे और पूरी दुनिया देख रही होगी. ओबामा प्रशासन से संबद्ध पर्यवेक्षकों और कुछ निर्दलीय पर्यवेक्षकों ने एक आंशिक संघर्षविराम के भी लागू रह पाने पर गंभीर शंका जाहिर की है.
ओबामा ने कहा कि संभावित खामियों को लेकर वह किसी भ्रम में नहीं हैं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि संघर्षविराम अव्यवस्था को खत्म करने की दिशा में एक मजबूत कदम हो सकता है.

बशर अल-असद ने आधे दशक तक एक सशस्त्र विद्रोह को दबाने की कोशिश की है. इसके लिए हाल में उन्होंने रूसी वायु शक्ति और ईरानी जमीनी बलों की मदद ली है. इसी दौरान विभिन्न धर्मों से जुड़े सशस्त्र विद्रोही धार्मिक एवं सजातीय समूहों में बंट गए हैं.

ओबामा ने कहा कि यह संघर्षविराम इस्लामिक स्टेट समूह पर लागू नहीं होगा. उन्होंने माना कि अन्य समूह लड़ाई जारी रखेंगे. इन समूहों में अल-कायदा से जुडे समूह भी शामिल हैं. ओबामा ने कहा, सर्वश्रेष्ठ परिस्थितियों में भी हम हिंसा के तत्काल खत्म होने की उम्मीद नहीं करते. उन्होंने कहा, असल में, मुझे लगता है कि हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि आंशिक हिंसा जारी रहेगी क्योंकि आईएसआईएल और अल नुसरा जैसे संगठन किसी समझौते में शामिल नहीं हुए हैं. वे अमेरिका से शत्रुता रखते हैं और लडऩा जारी रखेंगे.
ओबामा ने यह भी दोहराया कि स्थायी शांति के लिए असद को सत्ता से हट जाना चाहिए. इस संदेश को रूस और ईरान ने अब तक जानबूझकर नजरअंदाज किया है. ओबामा ने कहा, यह इस बात की परीक्षा होगी कि क्या ये पक्ष समझौतों के प्रति वास्तव में प्रतिबद्ध हैं?