26-04 tkg photo 02भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत हुई कार्यवाही, नहीं थम रहा भ्रष्टाचार का सिलसिला, चार माह की वेतन निकालने के बदले मांगे पाच हजार, 

बल्देवगढ़ 26 अप्रेल नससे. वैसे तो जनपद अंतर्गत सभी विभागों के अधिकारी व बाबू निरंकुश हो चुके है और भ्रष्टाचार में कंठ से डूबे हुये है।

अब किसके विरूद्ध कार्यवाही होती और कौन पीडि़त इसकी शिकायत लोकायुक्त तक करने में समक्ष है उसे ही मात्र न्याय मिल सकता है। इसी प्रकार का मामला आज जनपद अंतर्गत सहायक वर्ग-2 के पद पर कार्यरत बाबू गौरीशंकर सोनी द्वारा अपने ही विभाग के एडीओ की चार माह की वेतन निकालने के एवज में पांच हजार रूपये की रिश्वत मांग रहा था। जिसके एवज में एडीओ बीरेन्द्र कुमार दुबे द्वारा एक हजार रूपये पहले ही दे दिये गये थे और शेष रिश्वत की राशि देने में असमर्थत: जताई लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त बाबू पांच हजार रूपये की जिद पर अड़ा रहा और पीडि़त को परेशान करता रहा जिससे पीडि़त होकर श्री दुबे ने लोकायुक्त का सहारा लिया।

वैसे यदि कहा जाये तो जनपदों में कार्यरत कर्मचारी जिस दिन से नियुक्ति हुई है आज दिनांक तक एक ही स्थान पर कार्य करने से इन कर्मचारियों के हौसलें बुलंद है और इन्हें भ्रष्टाचार करने में तनक भी संकोच नही रहता। ज्ञात है कि कुछ दिनों पूर्व पृथ्वीपुर जनपद में भी भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ था। और कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही भी की गई थी।

लेकिन इन कर्मचारियों के विरूद्ध सक्त कार्यवाही न होने के कारण इनके हौसले बुलंद है और इन्हें भ्रष्टाचार करने में कोई डर, भय नही है। इसी तरह का मामला बल्देवगढ़ जनपद अंतर्गत हुआ है जो कि कुछ इस प्रकार है कि जनपद अंतर्गत एडीओ बीरेन्द्र कुमार दुबे का स्थानांतरण बड़ामलाहरा हो गया था। और श्री दुबे को चार माह का वेतन जनपद बल्देवगढ़ से प्राप्त करना था लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त बाबू गौरीशंकर सोनी ने वेतन निकालने के एवज में पांच हजार रूपयें की

मांग की जिसके एवज में एडीओ श्री दुबे द्वारा एक हजार रूपये रिश्वत बतौर दिये फिर भी काम न होने पर परेशान होकर लोकायुक्त की शरण में गया जहां पर लोकायुक्त की टीम द्वारा मामले की जांच की और पाया कि बाबू द्वारा हकीकत में पांच हजार रूपये की रिश्वत मांगी जा रही है।

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