MAHAJANभोपाल,  लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के मुख्य आतिथ्य में इंदौर में तीन-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बैम्बू समिट का शुभारंभ हुआ.

महाजन ने कहा कि भारत में बाँस क्षेत्र के तेजी से विकास की जरूरत है. भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि हाईटेक हाइवे विलेज में बाँस उत्पादों के विक्रय के लिये पवेलियन बनेंगे. विशेष अतिथि मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को बैम्बू केपिटल बनाया जायेगा. केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि बाँस का उत्पादन गरीबी उन्मूलन में भी कारगर है. समिट में भारत सहित 11 से अधिक देश के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. ‘बैम्बू फॉर सस्टेनेबल डेव्हलपमेंट ग्लोबल को-ऑपरेशन” पर इस समिट में बाँस उत्पादन, कारीगर, उद्यमियों और तकनीकी विशेषज्ञों को विमर्श के लिये मंच उपलब्ध करवाया गया है.

सुमित्रा महाजन ने कहा कि भारत में बाँस क्षेत्र के तेजी से विकास करने की जरूरत है. बाँस उत्पादन तथा बाँस उत्पादों के संबंध में नई नीति और नई तकनीक का विकास भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश में बाँस क्रांति पैदा की जा सकती है. बाँस उत्पादन को बढ़ावा देकर भारत की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत किया जा सकता है. जिस गति से वर्तमान केन्द्र सरकार द्वारा बाँस के क्षेत्र विस्तार के लिये काम किया जा रहा है, उससे लगता है कि आने वाले समय में भारत की आर्थिक व्यवस्था बाँस आधारित बन सकेगी. उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुधार की दृष्टि से भी बाँस के उत्पादन और उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है.

नितिन गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में बाँस उत्पादन एवं इसके मूल्यवर्धित उत्पादों के क्षेत्र में बेहतर काम किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में गरीबी एवं बेरोजगारी के कारण लोगों का गाँव से शहरों की ओर पलायन भी सबसे बड़ी चिंता का विषय है. खेती के साथ हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर इन समस्याओं से निपटा जा सकता है. बाँस का उत्पादन बढ़ाकर हम देश से गरीबी और बेरोजगारी की समस्या को दूर कर सकते हैं. बाँस का उत्पादन बढ़ाकर बेरोजगारों को रोजगार दिया जा सकता है. उन्होंने विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद लेकर बाँस उत्पादों की नई-नई डिजाइन तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया.

गडकरी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तय किया है कि अब ग्रीन हाईवे बनाये जायेंगे. इसके लिये परियोजना लागत की एक प्रतिशत राशि पौधरोपण और सौंदर्यीकरण के लिये आरक्षित की जायेगी. दस लाख रुपये प्रति एकड़ पौधरोपण के लिये नेशनल हाईवे पर खर्च किये जायेंगे। हाईवे पर बाँस के पौधे प्रमुखता से लगाये जायेंगे. इससे हरियाली के साथ लोगों को रोजगार भी मिलेगा. गडकरी ने घोषणा कि देश में 1200 से अधिक हाईटेक हाईवे विलेज बनाये जा रहे हैं. हर विलेज में 10 हजार वर्गफ ीट पर बाँस उत्पाद विक्रय के लिये पवेलियन भी बनाये जायेंगे. इसी तरह का पवेलियन फ ल एवं सब्जी के लिये भी बनाया जायेगा. उन्होंने बाँस का उपयोग बायोफ्यूल के रूप में करने की जरूरत भी बतायी.

वन मंत्री डॉ.गौरीशंकर शेजवार ने स्वागत भाषण दिया. उन्होंने बताया कि प्रदेश में ग्रीन उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है. देश के कुल बाँस उत्पादन का 35 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश में है.

समिट के दौरान बाँस के उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगायी गयी है. समिट में महापौर मालिनी गौड़, विद्या मोरूकुंबी तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष देवराजसिंह परिहार ने भाग लिया. इण्डियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के उपाध्यक्ष तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री अन्ना साहब एन.के.पाटिल ने आभार व्यक्त किया.

इंदौर में एशियाई खो-खो की शुरूआत
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा है कि राज्य और केन्द्र सरकार खेल के विकास के लिये कृत-संकल्प है. महाजन ने कहा कि खेलकूद से धैर्य और अनुशासन की सीख मिलती है, जो जीवनभर काम आती है. हमारा लक्ष्य है कि प्रतियोगी इस प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें.

महाजन आज इंदौर में तीन-दिवसीय एशियाई खो-खो प्रतियोगिता का शुभारंभ कर रही थीं. प्रतियोगिता में पहली बार महिला खो-खो टीमें भाग ले रही हैं. इसके पूर्व 1996 और सन् 2000 में एशियाई खो-खो प्रतियोगिता हुई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेलकूद का हमारे जीवन में बहुत महत्व है.

खेल से मनुष्य न केवल स्वस्थ रहता है बल्कि जीवन का असली आनंद भी उठा पाता है. राज्य सरकार ने खेलों के विकास के लिये बजट में कई गुना वृद्धि की है. पिछले 13 वर्ष में मध्यप्रदेश ने खेलकूद के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. केन्द्रीय पर्यटन, संस्कृति और उड्डयन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि सिंहस्थ देश का सबसे बड़ा पौराणिक आयोजन है, जिसे हम सब मिलकर सफ ल बनायेंगे. जीवन में खेलकूद का बड़ा महत्व है. खेलकूद से मनुष्य का शारीरिक और मानसिक विकास होता है.

एशियाई खो-खो फेडरेशन, भारतीय खो-खो महासंघ और मध्य भारत खो-खो एसोसियेशन के तत्वावधान में महर्षि प्रभाकर दादा कुलकर्णी इन्डोर स्टेडियम में एशियाई खो-खो प्रतियोगिता में एशिया के 6 देश- भारत, पाकिस्तान, कोरिया, श्रीलंका, नेपाल और बंगलादेश की 12 टीम के 180 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. इस अवसर पर भारतीय खो-खो फेडरेशन के अध्यक्ष राजीव मेहता, विधायक महेन्द्र हार्डिया, सुदर्शन गुप्ता, रमेश मैंदोला, उषा ठाकुर आदि मौजूद थे.