jawdekarनयी दिल्ली,  पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि बाघ संरक्षण में भारत ने उल्लेखनीय काम किया है और वह इस बारे में दूसरे देशों को पर्यावास क्षेत्र विकसित करने, तकनीक और क्षमता निर्माण में सहयोग देने के लिये तैयार है।

श्री जावड़ेकर ने बाघ संरक्षण पर यहां हुये तीसरे एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के समापन पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बाघ संरक्षण में भारत ने एक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या दुनिया की आबादी का 17 प्रतिशत है जबकि उसके पास विश्व की केवल ढाई प्रतिशत भूमि है। लेकिन निरंतर प्रयासों से भारत में बाघों, उनके पर्यावास का इलाका और अभयारण्यों की संख्या लगातार बढ़ी है। हर देश को अपनी परिस्थितियों के मुताबिक भारतीय सफलता का अनुसरण करना चाहिये।

उन्होंने कहा कि भारत उन देशों की मदद के लिये तैयार है जिन देशों के पास बाघ नहीं हैं या जिन देशों से बाघ विलुप्त हो चुके हैं, अगर वे अपने यहां फिर से बाघों को अपने यहां रखना चाहते हैं। अगर किसी देश से ऐसा प्रस्ताव आता है तो भारत उसे हरसंभव सहायता देगा।

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