चक्रवाती तूफान ‘ओखी’ के असर से मध्यप्रदेश में भी बादल छा गये हैं. ठंड की ऋतु में जो भी वर्षा हो जाए वह ‘मावठा’ ही कही जाती है. मौसम का ‘मावठा’ तो जनवरी के आसपास आता है लेकिन ऐसे आभास मिल रहे हैं कि ओखी तूफान की वजह से ‘मावठा’ जल्दी भी आ रहा है.

ओखी तूफान की तीव्रता तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, गोवा में काफी रही. वहां इससे काफी नुकसान हुआ. अब यह कमजोर पड़कर गुजरात की तरफ मुड़ गया है. जहां इसके प्रभाव से काफी कुछ नुकसान होने की भी आशंका है. चिंता इसलिये भी हो रही है कि गुजरात में इन दिनों विधानसभा के आम चुनाव हो रहे हैं.

चुनाव प्रचार जोरों पर है और 9 और 14 दिसम्बर को मतदान होना है. मध्यप्रदेश में ओखी तूफान का कोई विनाशकारी असर होने के आसार बिल्कुल नहीं हैं लेकिन मावठा की वर्षा हो सकती है. जिसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज हो जायेगा.

ज्यादा दिन बादल छाये रहे और पानी नहीं बरसा तो खेतों पर कीट प्रकोप आ सकता है. उस समय कीटनाशकों की काफी जरूरत पड़ेगी. उसके लिये शासन व किसानों को सतर्क रहना पड़ेगा कि फसलों को ज्यादा नुकसान न पहुंचे.